प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर गंभीरता से सोचना होगा, महिलाओं को भी निभानी होगी जिम्मेदारी : मालिनी अवस्थी


लखनऊ, 11 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से एक साल तक सोना न खरीदने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने, वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था को दोबारा से शुरू करने और विदेश यात्राओं से बचने की अपील की है। इस अपील पर प्रसिद्ध लोक गायिका और पद्म श्री अवार्ड से सम्मानित मालिनी अवस्थी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो भी कहते हैं, उसमें गंभीरता होती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को भी प्रधानमंत्री की अपील पर अमल करते हुए जिम्मेदारी निभानी होगी।

आईएएनएस से बातचीत करते हुए मालिनी अवस्थी ने कहा कि कल प्रधानमंत्री को हम सभी ने सुना और पूरा देश इस बारे में बात कर रहा है। प्रधानमंत्री के देश के नाम संदेश में गंभीरता होती है, इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता है। पूरे विश्व में इस समय परिस्थितियां कठिन हैं। कई देश आपस में युद्ध कर रहे हैं। जहां से तेल की आवाजाही है, वहां पर कूटनीति और अच्छे व्यवहार के बल पर भारत ने ईरान से तेल लाने का प्रबंध तो किया है, लेकिन भविष्य कोई नहीं जानता। पाकिस्तान में इमरजेंसी है, लॉकडाउन है और तेल से चलने वाली गाड़ियों पर रोक है। हम भाग्यशाली हैं कि ऐसा कोई पैनिक यहां नहींहै, क्योंकि सरकार ने ऐसा महसूस नहीं होने दिया लेकिन ऐसा भी नहीं है कि विश्व में जो घट रहा है, उसका असर हम पर नहीं पड़ेगा।

लोक गायिका ने कहा, “प्रधानमंत्री ने सोमनाथ से संदेश दिया है कि एक भारतीय होने के नाते स्वदेशी अपनाएं और जहां तक संभव हो सके पेट्रोल और डीजल बचाएं और पब्लिक ट्रांसपोर्ट से सफर करें। पहले भी ऐसा हो चुका है। तेल बचाने के लिए लोग पूल गाड़ी का प्रयोग करते थे, एक गाड़ी पर छह लोग सफर किया करते थे। इस संदेश में बहुत ही सकारात्मकता है।”

मालिनी अवस्थी ने कहा, “1 साल तक सोने न खरीदने के पीछे जो संदेश है, वह बचत का है। जितना हो सके भारतीय करेंसी पर दबाव न बने और हमें विदेशी करेंसी लेनी न पड़े। हमारे देश का इतिहास रहा है कि जब भी युद्ध की स्थिति आई तब देश ने सोना दान किया है। अभी सोना दान करने की बात नहीं है, सोना न खरीदना ही देश के लिए उपयोगी है। एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते तेल का कम से कम इस्तेमाल करें और स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग और सीमित खर्च करना होगा।”

प्रधानमंत्री की वर्क फ्रॉम होम की अपील पर मालिनी अवस्थी ने कहा, “एक ह्यूमन साइकोलॉजी है, जब तक संकट नहीं होता तब तक कोई परवाह नहीं करता। हम पानी, बिजली और गैस का उपयोग जरूरत से अधिक करते हैं। प्रधानमंत्री का संदेश है कि इसको लेकर सभी को सोचना चाहिए। अभी कठिन परिस्थिति दिखाई नहीं दे रही है, इसका मतलब यह नहीं है कि दबाव नहीं है। दबाव सबके ऊपर न पड़े, इसलिए जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हमें सोचना चाहिए। मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री की अपील पर खासकर महिलाएं अमल करेंगी और बचत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।”

–आईएएनएस

ओपी/वीसी


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