एचडीएफसी एएमसी में सामने आया साइबर सिक्योरिटी का मामला; शेयर करीब 3 प्रतिशत फिसला

नई दिल्ली, 18 मई (आईएएनएस)। एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी ने सोमवार को कहा कि उसे एक अनजान सोर्स से संदेश प्राप्त हुआ है, जिसमें कहा गया कि उसके पास कंपनी के आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर के कुछ हिस्से तक पहुंच है।
कंपनी ने कहा कि यह घटना 16 मई को हुई थी, जिसके बाद उसने संभावित जोखिमों को कम करने के लिए तुरंत आवश्यक कदम उठाते हुए घटना प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल को सक्रिय कर दिया।
एचडीएफसी एएमसी ने कहा है कि उसने घटना के संभावित प्रभाव का विस्तृत आकलन करने के लिए एक विशेषज्ञ साइबर सुरक्षा फर्म को नियुक्त किया है।
एसेट मैनेजर ने फाइलिंग में कहा, “विस्तृत आकलन जारी है, लेकिन प्रारंभिक आकलन के आधार पर, इस घटना से हमारे व्यवसाय और संचालन की निरंतरता प्रभावित होने की संभावना नहीं है और कंपनी के संचालन पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं दिख रहा है।”
हालांकि, कंपनी ने कथित पहुंच की प्रकृति, संभावित रूप से प्रभावित प्रणालियों या किसी ग्राहक या वित्तीय डेटा के लीक होने की जानकारी का खुलासा नहीं किया।
यह घटना वित्तीय संस्थानों और बाजार अवसंरचना संस्थाओं के सामने बढ़ते साइबर सुरक्षा जोखिमों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच हुई है।
इससे पहले, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) से तेजी से विकसित हो रहे एआई-आधारित साइबर खतरों के प्रति असाधारण रूप से सतर्क रहने का आग्रह किया था।
सेबी के 38वें स्थापना दिवस समारोह में बोलते हुए, सीतारमण ने चेतावनी दी कि किसी प्रमुख एक्सचेंज, डिपॉजिटरी, क्लियरिंग कॉर्पोरेशन या ब्रोकरेज पर एक भी सफल साइबर हमला राष्ट्रीय स्तर पर बाजारों को बाधित कर सकता है और निवेशकों के विश्वास को कम कर सकता है।
इस घटना के बाद, सोमवार को एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट आई और बीएसई पर सुबह 11:40 पर कंपनी के शेयर 2.98 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,622.50 रुपए पर था।
–आईएएनएस
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