स्वीडन यात्रा से आयुर्वेद को नई ऊंचाई, स्वास्थ्य सहयोग मजबूत करने वाला ऐतिहासिक कदम : स्टिना एंडरसन

नई दिल्ली, 17 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वीडन यात्रा को आयुर्वेद, वेलनेस और समग्र स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत-स्वीडन संबंधों को नई ऊंचाई देने वाला ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। आयुर्वेद स्वीडन एसोसिएशन की चेयरपर्सन स्टिना एंडरसन ने इस यात्रा को स्वीडन और पूरे यूरोप के लिए आयुर्वेद को मुख्यधारा में लाने का बड़ा अवसर बताया है।
स्टिना एंडरसन ने आईएएनएस से विशेष बातचीत में कहा, “यह एक शानदार अनुभव था। मैं प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर बहुत उत्साहित हूं। यह स्वीडन के लिए और खासतौर पर आयुर्वेद के लिए बहुत बड़ा कदम है। मुझे लगता है कि भारतीय वैद्यों और डॉक्टरों के लिए स्वीडन आकर अपना ज्ञान साझा करने का बड़ा अवसर है, साथ ही स्वीडिश लोगों के लिए भारत जाकर अधिक सीखने का भी। जब हम सहयोग समझौते स्थापित करते हैं, तो आयुर्वेद को नॉर्डिक दृष्टिकोण से समझना आसान हो जाता है, जो भारत से काफी अलग है।”
स्टिना एंडरसन ने जोर देकर कहा कि आज 80 प्रतिशत बीमारियां जीवनशैली से जुड़ी हैं। आयुर्वेद इन समस्याओं का शानदार समाधान है। उन्होंने कहा, “अपनी सेहत के बिना हम दुनिया में सही योगदान नहीं दे सकते। आयुर्वेद एक गहरा विज्ञान है, जिसे भारत ने सदियों तक सहेजकर रखा है। अब स्वीडन भी इसके लिए तैयार है।”
उन्होंने आयुर्वेद को आधुनिक तकनीक जैसे एआई और नैनोटेक्नोलॉजी के साथ जोड़ने की बात भी कही। स्टिना ने सुझाव दिया कि सबसे पहले रोजमर्रा की दिनचर्या और मौसम के अनुसार आहार-विहार पर ध्यान देना चाहिए, जिससे शरीर खुद को स्वाभाविक रूप से संतुलित रख सके।
आयुर्वेद को किफायती और प्रभावी बताते हुए उन्होंने कहा, “आयुर्वेद स्वास्थ्य को सस्ता बनाता है क्योंकि यह रोजमर्रा की दिनचर्या के जरिए इलाज पर जोर देता है। जब हम इसे आधुनिक चिकित्सा के साथ एकीकृत करते हैं, तो अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक असर पड़ता है।”
स्टिना एंडरसन ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए कहा, “वे दुनिया के उन गिने-चुने नेताओं में से एक हैं जिनके पास भविष्य के लिए स्पष्ट विजन है। आज विश्व स्वास्थ्य सेवा प्रणाली कई संकटों का सामना कर रही है, इसलिए आयुर्वेद की बहुत जरूरत है।”
कॉन्फेडरेशन ऑफ स्वीडिश एंटरप्राइज के डायरेक्टर जनरल जान-ओलोफ जैके ने कहा, “हमें गर्व है कि प्रधानमंत्री मोदी हमारे यहां आए। स्वीडन एक इनोवेटिव और विकसित देश है, लेकिन छोटा है। भारत में प्रतिभाशाली युवा आबादी और तेजी से बढ़ता बाजार है।”
जैके ने ईयू-इंडिया एफटीए समझौते की रिपोर्ट प्रधानमंत्री को सौंपते हुए कहा कि यह समझौता दोनों पक्षों के लिए व्यापार की नई संभावनाएं खोलेगा। उन्होंने जोर दिया कि प्रक्रियाओं को सरल बनाना और सीमा शुल्क को सुगम बनाना जरूरी है।
–आईएएनएस
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