श्रीनगर में एनसीडब्ल्यू के 'शक्ति संवाद' कार्यक्रम ने राज्य महिला आयोगों के बीच समन्वय को मजबूत किया

श्रीनगर, 17 मई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय महिला आयोग ने 16-17 मई को श्रीनगर में राज्य महिला आयोगों की अध्यक्षों, सदस्यों और सदस्य सचिवों के साथ दो दिवसीय कार्यक्रम ‘शक्ति संवाद’ का आयोजन किया। 20 से अधिक राज्यों के प्रतिनिधियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया, जिसका उद्देश्य संस्थागत समन्वय को मजबूत करना, क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना और महिला कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए संवाद को प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम का उद्घाटन एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया राहटकर ने किया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि आज महिलाएं शासन, न्यायपालिका, विज्ञान, मीडिया और सार्वजनिक जीवन में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं, फिर भी उनकी सुरक्षा, गरिमा और समान अवसर सुनिश्चित करना एक सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि महिला आयोग केवल शिकायत निवारण निकाय नहीं हैं, बल्कि महिलाओं के लिए विश्वास, समर्थन और न्याय के संस्थान हैं।
समापन सत्र में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। सभा को संबोधित करते हुए, उन्होंने भारत में महिला नेतृत्व वाले विकास को आगे बढ़ाने के लिए समन्वित संस्थागत प्रयासों और नीतिगत समर्थन के महत्व पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी सामाजिक परिवर्तन के शक्तिशाली साधन हैं और शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, उद्यमिता एवं डिजिटल अवसरों तक पहुंच बढ़ाकर महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
इस कार्यक्रम में महिला अधिकारों के परिप्रेक्ष्य से राज्य कानून समीक्षा, महिलाओं से संबंधित हालिया सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के फैसले, स्टॉकिंग की समस्या का समाधान – कानूनी और संस्थागत प्रतिक्रिया, और महिलाएं तथा नए श्रम संहिता जैसे विषयों पर सत्र आयोजित किए गए। विशेषज्ञों और प्रतिभागियों ने देश भर में महिलाओं को प्रभावित करने वाली उभरती चुनौतियों के लिए विकसित हो रहे कानूनी ढांचे, कार्यस्थल पर गरिमा और संस्थागत प्रतिक्रियाओं पर विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम का समापन सहभागी राज्य महिला आयोगों और एनसीडब्ल्यू के बीच सहयोग को मजबूत करने, संस्थागत तंत्रों में सुधार करने और राष्ट्रव्यापी स्तर पर महिलाओं के अधिकारों, सुरक्षा और सशक्तिकरण के उद्देश्य को आगे बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ।
–आईएएनएस
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