‘हमें खत्म करने की तैयारी चल रही है’, भाजपा पर विधायक अब्दुल सत्तार का गंभीर आरोप

मुंबई, 3 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र की सियासत में शिवसेना विधायक अब्दुल सत्तार के एक बयान से हलचल तेज हो गई है। उन्होंने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि शिवसेना को खत्म करने की कोशिश की जा रही है।
मुंबई में आईएएनएस से बात करते हुए शिवसेना विधायक ने दावा किया कि भाजपा के निचले स्तर के कार्यकर्ता शिवसेना को जिले में कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इसे धीमा जहर बताया है, जो गठबंधन को अंदर से खोखला कर रहा है।
अब्दुल सत्तार ने कहा कि नाराजगी की वजह यह है कि भले ही आज भाजपा हमारी गठबंधन सहयोगी है और मुख्यमंत्री भी भाजपा से ही हैं, लेकिन जिला स्तर पर उसके कुछ कार्यकर्ता शिवसेना को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। साथ मिलकर काम करने के बजाय, वे शिवसेना को दरकिनार कर रहे हैं और अपने लिए सत्ता मजबूत कर रहे हैं। हमें इस पर विचार करने की जरूरत है, क्योंकि हम उनके गठबंधन सहयोगी हैं, उनके विरोधी नहीं हैं। यह जो चल रहा है, हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं के सामने चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाजपा के मुख्यमंत्री के होते हुए भी जिले में उनकी पार्टी के कार्यकर्ता शिवसेना को नुकसान पहुंचाने में लगे हैं। महानगरपालिका, जिला परिषद, नगर पालिका और अन्य स्थानीय निकायों पर जहां पहले शिवसेना का दबदबा था, वहां भाजपा ने अपना कब्जा जमा लिया है। सत्ता में आने के बाद उस शक्ति का सही उपयोग होना चाहिए, न कि दुरुपयोग। अगर गठबंधन की बड़ी पार्टी शिवसेना को खत्म करने की कोशिश करेगी तो यह गलत है। उन्हें हमारी पार्टी का सम्मान करना चाहिए।
भाजपा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे पहले ऐसा महसूस नहीं हुआ था, शुरुआती ढाई वर्षों में तो मैं इसे ठीक से समझ भी नहीं पाया था। जब हम सत्ता में थे और एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री थे, तब इन बातों को समझने का कोई सवाल ही नहीं था। लेकिन पिछले 18 महीनों में, मैंने इसे साफ तौर पर समझ लिया है। पिछले 18 महीनों से मैं जिस रवैये और काम करने के तरीके को देख रहा हूं, वह सही नहीं है। चुनाव के लिए नामांकन फॉर्म वापस लेने का आदेश आया है, जिसे माना जाएगा।
अब्दुल सत्तार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे से अपील की है कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और शिवसेना को न्याय दिलाएं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए ताकि गठबंधन की मजबूती बनी रहे। हमारे नेता ने बस कुछ ही शब्दों में अपनी बात कह दी थी। यह एक बहुत ही अहम संदेश देता है कि क्या होगा और क्या नहीं, और चीजों को किस तरह समझा जाना चाहिए। यह महज दो शब्दों से कहीं ज्यादा है, यह एक बहुत बड़ी बात को दिखाता है। क्योंकि, जब एकनाथ शिंदे कोई फैसला लेंगे तो तूफान आएगा।
अब्दुल सत्तार ने दावा किया है कि एकनाथ शिंदे एक बार फिर से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनेंगे हो। सकता है कि ढाई साल के बाद। उन्होंने कहा कि मातोश्री का रिमोट किसके हाथ में है? वह उद्धव बालासाहेब ठाकरे हैं। और हमारी पार्टी का रिमोट किसके हाथ में है? वह एकनाथ शिंदे हैं। जहां तक दोनों के भविष्य की बात है, आज इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। क्या कल किसी ने कहा था कि राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे एक साथ आ सकते हैं।
–आईएएनएस
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