राजस्थान में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण की अपार संभावनाएं: अश्विनी वैष्णव


जयपुर, 23 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को कहा कि राजस्थान में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का एक प्रमुख केंद्र बनने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा इस क्षेत्र के विस्तार के लिए किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला।

जयपुर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर क्षेत्रों पर आयोजित एक संवाद में उद्योग प्रतिनिधियों, निवेशकों और विशेषज्ञों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा कि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में तेजी से प्रगति कर रहा है और उन्होंने निवेशकों से राजस्थान में आत्मविश्वास के साथ इकाइयां स्थापित करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले दो वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में 450 कारखानों के लिए मार्ग प्रशस्त किया है।

इलेक्ट्रॉनिक घटक विनिर्माण योजना (ईसीएमएस) के तहत एक वर्ष के भीतर 75 कारखानों को मंजूरी दी गई है, जबकि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना के लिए बजटीय सहायता भी बढ़ा दी है।

केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने निवेशकों को आश्वासन दिया कि केंद्र और राज्य सरकारें इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए पूरा सहयोग देंगी और कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

केंद्रीय मंत्री वैष्णव के साथ कार्यक्रम में उपस्थित मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारत स्वदेशी सेमीकंडक्टर उत्पादन में सक्षम चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो गया है।

उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि 76,000 करोड़ रुपए से अधिक के प्रोत्साहन पैकेज के साथ भारतीय सेमीकंडक्टर मिशन तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरसंचार और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर रक्षा और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी तक, विभिन्न क्षेत्रों में सेमीकंडक्टर चिप्स का महत्व बढ़ गया है।

उन्होंने आगे कहा कि मजबूत सेमीकंडक्टर क्षमता विकसित करने वाले देशों और राज्यों का ही भविष्य उज्ज्वल होगा।

मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान के पहले सेमीकंडक्टर क्लस्टर का उद्घाटन इसी माह भिवाड़ी में किया गया। 50 एकड़ में फैले इस संयंत्र से प्रतिवर्ष लगभग छह करोड़ चिप्स के उत्पादन की उम्मीद है और इसने पहले ही 20 कंपनियों से 1,200 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव आकर्षित किए हैं।

राजस्थान की खूबियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का ‘ट्रिपल-एस फैक्टर’—सिलिका, कौशल और सौर ऊर्जा—सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभरेगा।

उन्होंने कहा कि राजस्थान सेमीकंडक्टर नीति और राजस्थान औद्योगिक विकास नीति को एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए लागू किया गया है, जिसमें सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और रक्षा विनिर्माण परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए गए हैं।

राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (आरआईपीएस) 2024 के तहत, उद्योगों को वित्तीय और अवसंरचनात्मक सहायता मिल रही है, जिसमें भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत स्वीकृत परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त पूंजी सब्सिडी और सावधि ऋणों पर पांच प्रतिशत तक की ब्याज सब्सिडी शामिल है।

–आईएएनएस

एमएस/


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