सरकार वैश्विक उर्वरक कीमतों में आई वृद्धि का बोझ उठा रही है: गोयल

नई दिल्ली, 23 मई (आईएएनएस)। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि उर्वरक कीमतों में आई वृद्धि का बोझ किसानों पर नहीं डाला गया है और पूरा बोझ केंद्र सरकार ने उठाया है।
मंत्री ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि हर मायने में, भारत ने विश्व को एक ऐसी अर्थव्यवस्था का उदाहरण दिया है जो आत्मनिर्भरता के पथ पर अग्रसर है और विश्व के साथ समान और निष्पक्ष शर्तों पर संबंध स्थापित कर रही है।
यह भारत द्वारा किए गए नौ मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पांच देशों की सफल यात्राओं में परिलक्षित होता है, जिनसे सभी क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए।
गोयल ने कहा कि भारत की वर्तमान स्थिति संयोगवश नहीं है। यह प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा किए गए 12 वर्षों के संरचनात्मक सुधारों, लक्षित रणनीतियों, परिणामोन्मुखी कार्यों और परिवर्तनकारी पहलों का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि भारत और कनाडा के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) हमारे देश के लिए निवेश के व्यापक अवसर खोलेगा और दोनों देशों के पारस्परिक विकास में योगदान देगा।
मध्य पूर्व संकट के बीच, भारत की उर्वरक सुरक्षा मजबूत और स्थिर बनी हुई है। सरकार ने घरेलू उत्पादन और आयात बढ़ाकर यह सुनिश्चित किया है कि सभी प्रमुख श्रेणियों के किसानों की आवश्यकताओं से अधिक उर्वरक उपलब्ध रहे।
देश में वर्तमान में 199.65 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) का पर्याप्त भंडार है, जो मौसमी मांग के 51 प्रतिशत से अधिक की पूर्ति करता है। यह इस समय के सामान्य बफर स्तर (लगभग 33 प्रतिशत) से काफी अधिक है। सरकार ने इस महीने की शुरुआत में बताया कि यह बेहतर अग्रिम स्टॉक और कुशल लॉजिस्टिक्स प्रबंधन को दर्शाता है।
हाल के संकट काल के बाद, घरेलू उत्पादन और आयात में तेजी से वृद्धि की गई है, जिससे कुल उपलब्धता में लगभग 97 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) की वृद्धि हुई है। अकेले घरेलू उत्पादन का योगदान 76.78 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) रहा, जबकि भारतीय बंदरगाहों पर आयातित उर्वरकों का योगदान 19.94 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) रहा।
–आईएएनएस
एमएस/