कंबोडिया में पूरा हुआ युद्धाभ्यास सिनबैक्स, अब ‘प्रगति’ की तैयारी


नई दिल्ली, 17 मई (आईएएनएस)। कंबोडिया में आतंकवादियों के खिलाफ काउंटर टेररिज्म ऑपरेशन जैसे घातक व खतरनाक मिशन का अभ्यास पूरा किया गया है। कंबोडिया में हुए इस अभ्यास में भारतीय सैन्य दल भी शामिल था। यहां भारत व कंबोडिया के संयुक्त सैन्य युद्धाभ्यास ‘सिनबैक्स–टू 2026’ में दोनों देशों के जवानों ने ड्रोन, मोर्टार तथा स्नाइपर अभ्यास किया।

यहां विशेष रणनीतियों सहित जवानों का विशेष कौशल प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया । यह अभ्यास 04 मई को प्रारंभ हुआ है और 16 मई तक चला। इसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के सैन्य दलों के बीच अंतर-संचालन क्षमता, समन्वय तथा परिचालन तालमेल को सुदृढ़ करना था। युद्धाभ्यास ‘सिनबैक्स’ को भारत की सैन्य कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को लेकर की गई एक पहल भी माना जा रहा है। दोनों देशों के जवानों ने यहां आतंकवाद-रोधी अभियान, जंगल एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में ऑपरेशन व समन्वित रणनीतियों पर मिलकर सैन्य अभ्यास किया।

भारत व कंबोडिया ने यहां आतंकवाद-रोधी अभियानों पर भी फोकस किया। इस संयुक्त अभ्यास का मुख्य उद्देश्य संयुक्त प्रशिक्षण के जरिए अपरंपरागत माहौल में सैन्य अभियानों को और अधिक प्रभावशाली बनाना था। सैनिक ने यहां एक-दूसरे के अनुभवों से सीखा। आधुनिक तकनीकों, रणनीतियों का आदान-प्रदान और जमीनी स्तर पर तालमेल को मजबूत किया गया है। कंबोडिया के कंम्पोंग स्पेयू प्रांत स्थित टेको सेन फ्नोम थॉम म्रीस प्रॉव रॉयल कंबोडियन एयर फोर्स प्रशिक्षण केंद्र में यह युद्धाभ्यास हुआ।

इस युद्धाभ्यास में भारतीय सैन्य के दल के 120 जवान शामिल थे। इनमें से अधिकांश जवान मराठा लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट की बटालियन से थे। वहीं कंबोडियाई दल की ओर से रॉयल कंबोडियन आर्मी के 160 जवानों का एक सैन्य दल इस अभ्यास का हिस्सा था। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इस संयुक्त सैन्य अभ्यास ने भारत व कंबोडिया के द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ किया है। वहीं अब भारतीय सेना बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास ‘प्रगति’ की मेजबानी करने जा रही है। यह अभ्यास मेघालय के उमरोई स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड में 18 से 31 मई 2026 तक आयोजित किया जाएगा।

इस अभ्यास में 12 मित्र देशों की सैन्य टुकड़ियां हिस्सा लेंगी। ‘रिजॉल्यूट, रिलेंटलेस एंड यूनाइटेड’ थीम पर आधारित यह पहला एक्सरसाइज ‘प्रगति’ है, जिसका उद्देश्य भाग लेने वाले देशों के बीच सैन्य सहयोग, समन्वय और आपसी समझ को मजबूत करना है। भारतीय सेना के अनुसार, इस संयुक्त सैन्य अभ्यास के दौरान सैनिक आधुनिक युद्ध कौशल, काउंटर-टेरर ऑपरेशन, संयुक्त रणनीति और मानवीय सहायता एवं आपदा राहत जैसे अभियानों से जुड़े अनुभव साझा करेंगे। पूर्वोत्तर भारत में आयोजित यह अभ्यास क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को नई मजबूती देने के साथ-साथ भारत की सैन्य कूटनीति को भी बढ़ावा देगा।

–आईएएनएस

जीसीबी/एएस


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