डिजीहाट ने भारत में निर्मित उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए लॉन्च किया 'स्वदेशी' मार्केटप्लेस


नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। सरकार समर्थित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म डिजीहाट ने मंगलवार को ‘स्वदेशी’ नाम से एक खास मार्केटप्लेस लॉन्च करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य असली ‘मेड-इन-भारत’ उत्पादों को बढ़ावा देना और देश में स्थानीय उत्पादन व्यवस्था को मजबूत करना है।

यह प्लेटफॉर्म ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) के स्वामित्व में है। कंपनी ने कहा कि यह पहल आत्मनिर्भर भारत के विजन को आगे बढ़ाने के लिए शुरू की गई है।

‘स्वदेशी’ मार्केटप्लेस डिजीहाट ऐप के भीतर काम करेगा, जहां ग्राहक सीधे कारीगरों, किसान समूहों, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), एनजीओ और भारतीय ब्रांड्स से सामान खरीद सकेंगे।

इस प्लेटफॉर्म पर अनाज, बीज उत्पाद, कपड़े, हस्तशिल्प, होम डेकोर, बैग और रोजमर्रा के जरूरी सामान जैसे भारत में बने प्रोडक्ट्स उपलब्ध होंगे।

कंपनी के अनुसार, अभी तक देशभर के 2,000 से ज्यादा कारीगर और 1,100 से अधिक किसान समूह इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं।

डिजीहाट के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) राहुल विज ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य भारतीय उत्पादकों को सीधे ग्राहकों से जोड़कर देश की आर्थिक व्यवस्था को मजबूत करना है।

उन्होंने कहा कि प्लेटफॉर्म से की गई हर खरीद स्थानीय कारोबार को समर्थन देगी, वैश्विक सप्लाई चेन पर निर्भरता कम करेगी और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाएगी।

कंपनी के मुताबिक, डिजीहाट का ‘स्वदेशी’ प्लेटफॉर्म “भारत से, भारत तक” की सोच पर आधारित एक राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म बनने की दिशा में काम करेगा।

इससे पहले अप्रैल में डिजीहाट ने दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु जैसे महानगरों में मेट्रो टिकट बुकिंग सेवा शुरू की थी। यह कदम प्लेटफॉर्म को एक यूनिफाइड डिजिटल कॉमर्स प्लेटफॉर्म बनाने की दिशा में उठाया गया था।

उसी महीने प्लेटफॉर्म ने 20 लाख डाउनलोड का आंकड़ा पार किया और अपने विभिन्न चैनलों पर 30,000 से ज्यादा यूजर्स का नेटवर्क बनाया।

यह प्लेटफॉर्म फूड डिलीवरी, ई-कॉमर्स और राइड-हेलिंग जैसी सेवाएं भी देता है। इसके लिए यह भारत टैक्सी और नम्मा यात्री जैसे पार्टनर नेटवर्क के साथ काम करता है।

डिजीहाट ओएनडीसी इकोसिस्टम के तहत काम करने वाली एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, जो ‘निर्मित भारत’ नामक गैर-लाभकारी संस्था के अंतर्गत संचालित होती है।

–आईएएनएस

डीबीपी


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