सीएसआईआर ने 13 स्वदेशी प्रौद्योगिकियों को उद्योगों को ट्रांसफर किया : केंद्र

नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद के रुड़की स्थित केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान ((सीएसआईआर- सीबीआरआई) ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर आयोजित एक समारोह में उद्योगों और स्टार्टअप्स को 13 स्वदेशी प्रौद्योगिकियां हस्तांतरित कीं। यह जानकारी मंगलवार को जारी आधिकारिक बयान में दी गई।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के बयान में कहा कि हस्तांतरित प्रौद्योगिकियों में अग्नि सुरक्षा, टिकाऊ निर्माण, अवसंरचना संरक्षण, ऊर्जा दक्षता और उन्नत निर्माण सामग्री शामिल हैं।
हस्तांतरित की गई प्रमुख प्रौद्योगिकियों में लकड़ी और लकड़ी के विकल्प की सतहों के लिए अग्निरोधी पारदर्शी इंट्यूमेसेंट कोटिंग; आरसीसी संरचनाओं के संरक्षण के लिए आईपीएन कोटिंग तकनीक; कम कार्बन फुटप्रिंट वाली ईंट निर्माण तकनीक; हाइब्रिड सौर-सहायता प्राप्त हीट पंप प्रणाली और दीवार संरक्षण के लिए पूर्वनिर्मित उच्च-शक्ति स्टील कॉर्ड सुदृढ़ीकरण तकनीक शामिल हैं।
सीएसआईआर-सीबीआरआई के निदेशक प्रोफेसर कुमार ने कहा कि ये हस्तांतरण भारत के अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र की बढ़ती ताकत को दर्शाते हैं और आत्मनिर्भर भारत, सतत अवसंरचना और प्रौद्योगिकी-आधारित विकास के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएंगे।
मंत्रालय ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान “सीएसआईआर स्मार्ट विलेज इनिशिएटिव” पर एक वीडियो और सीएसआईआर-सीबीआरआई की वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 भी जारी की गई, जिसमें ग्रामीण विकास और सतत प्रौद्योगिकियों में सीएसआईआर के योगदान को दर्शाया गया है।
सीएसआईआर की महानिदेशक और डीएसआईआर की सचिव डॉ. एन. कलैसेल्वी ने कहा कि विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी-आधारित विकास भारत के एक विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा में प्रमुख चालक के रूप में उभर रहे हैं।
कलाइसेल्वी ने कहा कि सीएसआईआर प्रयोगशालाओं द्वारा विकसित स्वदेशी प्रौद्योगिकियों का उद्योगों को हस्तांतरण राष्ट्रीय नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को महत्वपूर्ण रूप से मजबूत कर रहा है और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में तेजी ला रहा है।
सीएसआईआर का इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी हाल ही में जीन थेरेपी के व्यावसायीकरण की दिशा में पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट के साथ सहयोग के लिए चर्चा में रहा है।
इस संस्थान ने अपनी नवीन जीन थेरेपी के नैदानिक उपयोग और विस्तार के लिए प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
–आईएएनएस
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