राजस्थान में अपराधियों पर बड़ा प्रहार, 220 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध संपत्तियां जब्त करने की तैयारी

जयपुर, 5 जून (आईएएनएस)। राजस्थान में संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क के खिलाफ पुलिस ने बड़ा अभियान शुरू किया है। राज्य पुलिस ने 636 अपराधियों की 220 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अवैध संपत्तियों को जब्त करने की कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई की जा रही है।
अब तक 13 मामलों में करीब 32 करोड़ रुपए की संपत्तियों पर कब्जा भी लिया जा चुका है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार की अपराध के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति केवल अपराधियों को जेल भेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराध से अर्जित अवैध संपत्ति भी उनसे छीनी जाएगी।
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि पुलिस ने 636 शातिर अपराधियों की चल और अचल संपत्तियों की पहचान की है, जिन्हें अपराध के जरिए हासिल किया गया था। इन संपत्तियों को जब्त करने के लिए 584 मामलों में अदालतों में आवेदन दायर किए गए हैं। इनमें से 182 मामलों में अदालतों ने नोटिस जारी कर दिए हैं, जिससे आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।
इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता बूंदी जिले में मिली, जहां एक ही मामले में लगभग 12 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त करने का आदेश हासिल किया गया।
इसके साथ ही अवैध निर्माणों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई जारी है। 1 जनवरी से 28 मई 2026 के बीच राजस्थान पुलिस ने 39 बुलडोजर कार्रवाई अभियान चलाए, जिनमें 35.10 करोड़ रुपए मूल्य की अवैध संपत्तियां ध्वस्त की गईं। झालावाड़ में सबसे ज्यादा 12 कार्रवाई हुईं, जहां करीब 22.90 करोड़ रुपए की अवैध संपत्तियां तोड़ी गईं।
राज्य सरकार ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ भी मोर्चा खोल रखा है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच 36 तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत मामले दर्ज किए। इनमें से 28 तस्करों की अवैध संपत्तियां जब्त करने के प्रस्ताव मंजूर हो चुके हैं और करीब 33 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं।
डीजीपी ने बताया कि जुलाई 2024 से लागू बीएनएसएस की धारा 107 अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने में बेहद प्रभावी साबित हो रही है। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को अवैध संपत्तियों की पहचान, कुर्की और जब्ती के लिए विशेष एसओपी भी जारी किए हैं।
–आईएएनएस
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