पेट्रोकेमिकल कंपनी में केमिस्ट थे नवाजुद्दीन सिद्दीकी, एक्टिंग के जुनून ने बनाया बॉलीवुड स्टार


मुंबई, 17 मई (आईएएनएस)। हिंदी सिनेमा के अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी अपनी शानदार एक्टिंग और दमदार किरदारों के लिए पूरी दुनिया में पहचाने जाते हैं, लेकिन उनकी जिंदगी का सफर बिल्कुल आसान नहीं रहा। एक समय ऐसा था जब फिल्मों में आने से पहले उन्होंने वडोदरा की एक पेट्रोकेमिकल कंपनी में केमिस्ट की नौकरी की थी। नौकरी करते हुए भी उनके दिल में अभिनय के प्रति जुनून था जो उन्हें बॉलीवुड तक ले आया। छोटे शहर से निकलकर फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग जगह बनाना नवाजुद्दीन के लिए आसान नहीं था लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।

नवाजुद्दीन सिद्दीकी का जन्म 19 मई 1974 को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के छोटे से कस्बे बुढ़ाना में हुआ था। वह एक साधारण जमींदार परिवार से आते हैं। उनके पिता किसान थे। बचपन से ही नवाजुद्दीन का फिल्मों और अभिनय की तरफ झुकाव था। हालांकि उस समय परिवार में फिल्मों को करियर के रूप में नहीं देखा जाता था।

पढ़ाई पूरी करने के बाद नवाजुद्दीन ने हरिद्वार की गुरुकुल कांगड़ी यूनिवर्सिटी से साइंस में ग्रेजुएशन किया। इसके बाद नौकरी की तलाश में वह गुजरात के वडोदरा पहुंचे। यहां उन्होंने एक पेट्रोकेमिकल कंपनी में केमिस्ट के तौर पर काम किया। इस नौकरी में उन्हें कई तरह के केमिकल की जांच करनी पड़ती थी। नौकरी अच्छी थी लेकिन उनका मन अभिनय में था।

कुछ समय बाद नवाजुद्दीन ने नौकरी छोड़ दी और दिल्ली चले आए। इसी दौरान उनका झुकाव थिएटर की तरफ बढ़ने लगा। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) में दाखिला लिया और अभिनय की बारीकियां सीखीं। थिएटर से ज्यादा पैसे नहीं मिलते थे, ऐसे में रोजमर्रा का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा था जिसके चलते उन्हें वॉचमैन की नौकरी करनी पड़ी।

मुंबई में उनका संघर्ष और भी कठिन था। शुरुआत में उन्हें फिल्मों में बहुत छोटे रोल मिले। साल 1999 में आमिर खान की फिल्म ‘सरफरोश’ में उन्होंने छोटा सा किरदार निभाया। इसके बाद ‘शूल’, ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ और कई फिल्मों में छोटे-छोटे रोल किए। हालांकि इतने काम के बावजूद उन्हें कोई खास पहचान नहीं मिल रही थी।

करीब 12 से 15 साल तक संघर्ष करने के बाद उनकी जिंदगी में बड़ा मोड़ आया। निर्देशक अनुराग कश्यप की फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ में फैजल खान के किरदार ने उन्हें रातोंरात मशहूर बना दिया। इस फिल्म के बाद लोग उनके अभिनय के दीवाने हो गए। उनके डायलॉग्स बोलने का अंदाज दर्शकों का पसंदीदा बन गया।

इसके बाद नवाजुद्दीन ने ‘द लंच बॉक्स’, ‘किक’, ‘बजरंगी भाईजान’, ‘रमन राघव 2.0’, ‘मंटो’, ‘ठाकरे’, और ‘रात अकेली है’ समेत कई शानदार फिल्मों में काम किया। फिल्मों के अलावा, उन्होंने ‘सेक्रेड गेम्स’ वेब सीरीज में भी दमदार अभिनय किया। उनके निभाए गए किरदारों को सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी काफी पसंद किया गया।

नवाजुद्दीन को अपने अभिनय के लिए कई बड़े पुरस्कार भी मिले। उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में विशेष जूरी सम्मान दिया गया। इसके अलावा, फिल्मफेयर और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी उन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं। फिल्म ‘मंटो’ और ‘रमन राघव 2.0’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।

–आईएएनएस

पीके/पीएम


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