पेट बढ़ाने वाले बयान के बाद हंगरी के पीएम पर जेलेंस्की का एक और हमला


नई दिल्ली, 16 फरवरी (आईएएनएस)। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन के खिलाफ सार्वजनिक तौर पर मोर्चा खोल दिया है। जेलेंस्की एक के बाद एक निशाना साध रहे हैं। पहले जेलेंस्की ने हंगरी के पीएम को लेकर पेट वाला बयान दिया था और अब म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में फिर से तंज कस दिया।

म्यूनिख में शनिवार को शांति के लिए ‘शानदार’ योगदान के लिए जेलेंस्की को वार्षिक अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इवाल्ड वॉन क्लेइस्ट सम्मान लेते हुए, यूक्रेन के नेता ने कीव की लड़ाई में मदद करने के लिए अपने यूरोपियन स्पॉन्सर्स, खासकर सबसे बड़े डोनर्स जर्मनी और यूके को धन्यवाद दिया।

हंगरी के प्रधानमंत्री पर हमला करने से पहले उन्होंने कहा, “हम बहुत शुक्रगुजार हैं कि हमारे ऐसे पार्टनर और दोस्त हैं। और मैं विक्टर को भी धन्यवाद देना चाहता हूं। आप सब जानते हैं कि मेरा मतलब किससे है, क्योंकि अपने तरीके से, वह हम सभी को बेहतर बनने के लिए प्रेरित करते हैं। बेहतर, ताकि हम कभी उनके जैसे न बनें, कोई ऐसा जो ‘शर्म’ शब्द भूल गया हो।”

ईयू संस्थाओं के अनुसार, फरवरी 2022 में संघर्ष बढ़ने के बाद से यूरोपीय यूनियन के सदस्य देशों ने मिलकर कीव को 134 बिलियन यूरो (159 बिलियन डॉलर) की मदद दी है। जेलेंस्की को अवॉर्ड देते समय, पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने कहा कि यूक्रेन कुछ और पाने का हकदार है और नोबेल शांति पुरस्कार भी काफी कीमती नहीं होगा।

इससे पहले जेलेंस्की ने कहा था कि ओर्बन इस बात पर ध्यान दे सकते हैं कि अपना पेट कैसे बढ़ाएं, न कि अपनी सेना कैसे बढ़ाएं ताकि कथित रूसी खतरे का मुकाबला किया जा सके।

कीव के लिए ईयू के समर्थन की कड़ी आलोचना करने वाले ओर्बन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जवाब देते हुए कहा कि जेलेंस्की की टिप्पणी दिखाती है कि यूक्रेन यूरोपीय यूनियन का सदस्य क्यों नहीं बन सकता। यूक्रेनी लीडर के बयान हंगरी के लोगों के लिए हालात को और साफ तौर पर देखने में बहुत मदद करेंगे।

हंगरी के प्रधानमंत्री लंबे समय से यूक्रेन के ब्लॉक में शामिल होने की कोशिश का विरोध कर रहे हैं और उन्होंने बार-बार हथियार भेजने या ईयू सैन्य मदद को मंजूरी देने से मना कर दिया है।

जनवरी में, ओर्बन ने जेलेंस्की को एक मुश्किल हालत में फंसा हुआ आदमी कहा था। इसके साथ ही इस बात पर जोर दिया कि हंगरी झगड़े के बावजूद बिजली और फ्यूल सप्लाई करता रहेगा और यूक्रेनी रिफ्यूजी की मदद करता रहेगा।

–आईएएनएस

केके/एबीएम


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