विजयवाड़ा: एसआईटी ने पुलिस हिरासत में युवक की मौत मामले की जांच की तेज, निलंबित थाना प्रभारी हिरासत में

विजयवाड़ा, 23 जून (आईएएनएस)। विजयवाड़ा में 25 वर्षीय युवक की हिरासत में मौत के मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल ने मंगलवार को निलंबित थाना प्रभारी नागाराजू को हिरासत में ले लिया।
दो दिन पहले आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा गठित चार सदस्यीय विशेष जांच दल ने कृष्णा लंका थाने के निलंबित थाना प्रभारी नागाराजू को सिंह नगर स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया।
इसके बाद उन्हें पुलिस गेस्ट हाउस ले जाया गया, जहां विशेष जांच दल उनसे पूछताछ कर रहा है।
नागाराजू को हिरासत में लिए जाने के दौरान उनके समर्थक बड़ी संख्या में उनके घर के बाहर एकत्र हो गए। समर्थकों ने उनके चित्र और तख्तियां लेकर नारेबाजी की तथा सरकार से उनके खिलाफ दर्ज मामला वापस लेने की मांग की।
किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
यह कार्रवाई राज्य सरकार द्वारा दो दिन पहले गठित विशेष जांच दल की जांच के तहत की गई है। इस दल का गठन पुलिस महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) एम. रवि प्रकाश के नेतृत्व में किया गया है, जो गाडे साई कृष्णा के लापता होने और हिरासत में मौत के मामले की जांच कर रहा है।
विशेष जांच दल में पश्चिम गोदावरी के पुलिस अधीक्षक अदनान नईम असमी, अल्लूरी सीताराम राजू जिले के पुलिस अधीक्षक अमित बर्दार और बापटला जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एल. सुधाकर भी शामिल हैं।
सोमवार को विशेष जांच दल ने साई कृष्णा की मां गाडे विजयलक्ष्मी और परिवार के अन्य सदस्यों के बयान दर्ज किए।
जांच दल ने कृष्णा लंका थाने का भी दौरा किया, जहां साई कृष्णा को लापता होने से पहले लाया गया था। अधिकारियों ने थाने के अभिलेखों की जांच की और उस समय ड्यूटी पर मौजूद करीब 11 पुलिसकर्मियों से पूछताछ की, ताकि यह पता लगाया जा सके कि साई कृष्णा को थाने लाने के बाद क्या हुआ था।
विशेष जांच दल निलंबित थाना प्रभारी के खिलाफ अवैध हिरासत, हत्या और सबूत मिटाने के आरोपों की जांच कर रहा है।
19 जून को गाडे विजयलक्ष्मी की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को पुलिस हिरासत में प्रताड़ित किया गया और पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी गई।
विजयलक्ष्मी के अनुसार, पुलिस ने 9 मई को एक मामले में पूछताछ के लिए साई कृष्णा को अपने कब्जे में लिया था। उनका आरोप है कि बेटे को अवैध रूप से थाने में रखा गया और वहां उसे यातनाएं दी गईं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सबूत मिटाने के लिए साई कृष्णा के शव का अंतिम संस्कार स्वर्गपुरी विद्युत शवदाह गृह में कर दिया गया।
मामले में उन्होंने उच्च न्यायालय में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी। अदालत ने कृष्णा लंका पुलिस को 15 जून को साई कृष्णा को पेश करने का निर्देश दिया था। जब पुलिस उसे पेश नहीं कर सकी, तो उच्च न्यायालय ने उसे 29 जून तक अदालत में प्रस्तुत करने का आदेश दिया।
–आईएएनएस
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