'आज की युवा पीढ़ी को जानना चाहिए 1991 का भारत', मनोज बाजपेयी ने बताई फिल्म 'गवर्नर' की खासियत


मुंबई, 4 जून (आईएएनएस)। भारतीय सिनेमा के दमदार अभिनेता मनोज बाजपेयी इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘गवर्नर’ को लेकर चर्चा में हैं। अभिनेता का मानना है कि यह फिल्म देश के आर्थिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जिसे हर पीढ़ी को जरूर देखना चाहिए।

प्रमोशन के दौरान आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि आखिर क्यों यह फिल्म युवाओं के लिए एक सीख साबित हो सकती है। उन्होंने अपनी तैयारी, रिसर्च और फिल्म की कहानी के पीछे छिपे बड़े मैसेज पर भी खुलकर बात की।

आईएएनएस से बात करते हुए मनोज बाजपेयी ने कहा, ”आज के समय में युवा जिस भारत को देख रहे हैं, वह हमेशा ऐसा नहीं था। एक समय ऐसा भी था जब देश की आर्थिक स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण थी। आज लोगों के पास जो सुविधाएं हैं, बाजार में जो विकल्प मौजूद हैं और जीवनशैली में जो बदलाव दिखाई देते हैं, उनके पीछे कई बड़े आर्थिक फैसले और सुधारों की लंबी प्रक्रिया रही है। नई पीढ़ी को यह समझना चाहिए कि देश किस तरह कठिन दौर से निकलकर आज यहां तक पहुंचा है।”

उन्होंने कहा, ”फिल्म युवाओं को उस दौर की झलक दिखाएगी, जब भारत में आज जैसी आधुनिक सुविधाएं नहीं थीं, बड़े-बड़े शॉपिंग सेंटर नहीं थे, विदेशी उत्पाद आसानी से उपलब्ध नहीं थे और जीवन काफी अलग था। हम उस समय की बात कर रहे हैं जब लोगों के पास विकल्प सीमित थे और देश आर्थिक बदलावों के दौर से गुजर रहा था।”

मनोज बाजपेयी ने उदाहरण देते हुए कहा कि 1992 का दौर आज की पीढ़ी के लिए किसी इतिहास की किताब जैसा लग सकता है। उस समय क्रिकेट मैचों का प्रसारण भी लोगों के लिए एक बड़ी बात हुआ करता था। मनोरंजन, बाजार और तकनीक के क्षेत्र में आज जितनी तेजी दिखाई देती है, उस समय ऐसा माहौल नहीं था। यह फिल्म दर्शकों को देश के इतिहास और आर्थिक बदलावों के बारे में भी जानकारी देगी।

फिल्म ‘गवर्नर’ की कहानी एस. वेंकटरमणन से प्रेरित बताई जा रही है। वह उस समय भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर थे, जब देश गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा था। उस दौर में देश की अर्थव्यवस्था को संभालने और वित्तीय व्यवस्था को स्थिर बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। फिल्म इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को बड़े पर्दे पर दिखाने की कोशिश करती है।

फिल्म ‘गवर्नर’ को सनसाइन पिक्चर्स प्रस्तुत कर रही है। इसका निर्माण विपुल अमृतलाल शाह और निर्देशन चिन्मय मंडलेकर ने किया है। फिल्म की कहानी सुवेंदु भट्टाचार्यजी, सौरभ भारत, रवि असरानी और विपुल शाह ने मिलकर लिखी है। यह फिल्म 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

–आईएएनएस

पीके/एबीएम


Show More
Back to top button