एआई के युग में अवसर और जोखिम दोनों हैं

[ad_1]

बीजिंग, 28 मार्च (आईएएनएस)। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-जनरेटेड कंटेंट (एआईजीसी) का तेजी से बढ़ना इस साल बोआओ फोरम फॉर एशिया की वार्षिक बैठक में चर्चा का एक महत्वपूर्ण विषय बन गया है। हाल के वर्षों में एआई मॉडल सोरा सहित एआईजीसी एप्लिकेशन्स में सफलताओं ने दुनिया को आश्चर्यचकित कर दिया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) ने वैज्ञानिक अनुसंधान में पारंपरिक सीमाओं को पार करने और विभिन्न क्षेत्रों में नई संभावनाओं को खोलने की अपनी क्षमता दिखाई है।

हालांकि, अपनी प्रगति के साथ-साथ, एआई तकनीक ने चिंताएं भी बढ़ा दी हैं, जैसे कि गलत जानकारी का प्रसार और एआई के कारण नौकरियों की संभावित हानि। लेकिन भविष्य को देखते हुए, हम एआई में कई सफलताओं की आशा कर सकते हैं। एक प्रमुख दिशा मानव-मशीन पर्यावरण प्रणाली बुद्धिमत्ता का विकास है। इसमें मनुष्यों, मशीनों और पर्यावरण को एकीकृत करने वाली इंटेलिजेंट प्रणालियां बनाना शामिल है। एआई को इंटरनेट ऑफ थिंग्स और इंटेलिजेंट सेंसर जैसी तकनीकों के साथ जोड़कर, ये सिस्टम अपने परिवेश और उपयोगकर्ताओं को समझदारी से देख, समझ और प्रतिक्रिया दे सकते हैं। इससे स्मार्ट शहरों, घरों और परिवहन जैसे क्षेत्रों में नए अवसर खुलते हैं, लेकिन यह डेटा गोपनीयता और सुरक्षा चुनौतियां भी पैदा करता है।

एक और सफलता में इंटेलिजेंट प्रणालियों को ऑटोनोमस, ट्रांसफर और मल्टी-मॉडल सीखने में अधिक सक्षम बनाना शामिल है। खुद-ब-खुद सीखना मशीनों को बिना लेबल वाले डेटा से सीखने में सक्षम बनाता है, जिससे लेबल किए गए डेटा की आवश्यकता कम हो जाती है और अपने दम पर सुधार होता है। ट्रांसफर लर्निंग एक कार्य से प्राप्त जानकारी को संबंधित कार्यों पर लागू करने, दक्षता और लचीलेपन को बढ़ाने की अनुमति देता है।

इसके अलावा, एआई प्रणाली बातचीत और निर्णय लेने को बढ़ाने के लिए दृष्टि, भाषा और ध्वनि जैसे कई स्रोतों से सीखने पर अधिक ध्यान केंद्रित करेगा। सिस्टम सुरक्षा सुनिश्चित करने और विश्वास बनाने के लिए पारदर्शिता और एल्गोरिदम प्रोसेसिंग महत्वपूर्ण होगी। जबकि एआई अवसर और जोखिम दोनों लाता है। लेकिन सक्रिय प्रतिक्रियाएं देशों को जोखिमों को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करते हुए एआई क्षमता का दोहन करने में मदद कर सकती हैं। जैसे-

1. एआई शिक्षा, अनुसंधान और व्यावहारिक अवसरों में निवेश करके तकनीकी नवाचार और प्रतिभा विकास को मजबूत करना।

2. एआई सिस्टम पारदर्शी और जवाबदेह हो यह सुनिश्चित करते हुए सार्वजनिक हितों, व्यक्तिगत अधिकारों और डेटा गोपनीयता की रक्षा के लिए एक मजबूत नियामक ढांचा स्थापित करना।

3. एआई प्रौद्योगिकी के व्यावहारिक अनुप्रयोग और औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए उद्योग, शिक्षा और सरकार के बीच सहयोग को बढ़ावा देना।

4. चुनौतियों का समाधान करने और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए तकनीकी आदान-प्रदान, डेटा शेयरिंग और सामान्य मानकों की स्थापना के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना।

कुल मिलाकर, चुनौतियों को स्वीकार करके और सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देकर, चीन और एशिया जोखिमों को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने और वैज्ञानिक और सामाजिक विकास को एकीकृत करते हुए एआई द्वारा प्रस्तुत अवसरों का लाभ उठा सकते हैं।

(अखिल पाराशर, चाइना मीडिया ग्रुप, बीजिंग)

–आईएएनएस

एसजीके/

[ad_2]

E-Magazine