स्विगी का वित्त वर्ष 2025-26 में घाटा 33 प्रतिशत बढ़कर 4,154 करोड़ रुपए पहुंचा

मुंबई, 8 मई (आईएएनएस)। ऑनलाइन खाना डिलीवर करने वाली कंपनी स्विगी लिमिटेड ने शुक्रवार को अपनी चौथी तिमाही के नतीजे जारी करते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में उसका कुल शुद्ध घाटा बढ़कर 4,154 करोड़ रुपए हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में कंपनी का घाटा 3,117 करोड़ रुपए था।
हालांकि, 31 मार्च 2026 को समाप्त चौथी तिमाही में कंपनी का घाटा घटकर 800 करोड़ रुपए रह गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 1,081 करोड़ रुपए था।
ऑनलाइन फूड और ग्रॉसरी डिलीवरी प्लेटफॉर्म ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में परिचालन से उसकी आय (रेवेन्यू) 45 प्रतिशत बढ़कर 6,383 करोड़ रुपए पहुंच गई, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 4,410 करोड़ रुपए थी।
वहीं, कंपनी की कुल आय 46.74 प्रतिशत बढ़कर 6,649 करोड़ रुपए रही, जो एक साल पहले इसी अवधि में 4,531 करोड़ रुपए थी।
कंपनी के खर्चों की बात करें तो विज्ञापन और बिक्री प्रमोशन पर खर्च बढ़कर 1,577 करोड़ रुपए हो गया। यह पिछले साल की समान अवधि के 1,161 करोड़ रुपए की तुलना में 36 प्रतिशत ज्यादा है।
स्विगी के प्रबंध निदेशक और समूह मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्रीहरशा मजेटी ने कहा कि कंपनी की क्विक कॉमर्स सेवा इंस्टामार्ट अब यूनिट इकॉनॉमिक्स सुधारने और परिचालन क्षमता मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।
उन्होंने कहा, “क्विक कॉमर्स के अगले चरण में केवल ग्राहकों की जरूरत पूरी करना ही नहीं, बल्कि उनकी जरूरतों का पहले से अनुमान लगाना महत्वपूर्ण होगा। हमारी यूनिट इकॉनॉमिक्स हर तिमाही में बेहतर हो रही है और हम तय समयसीमा के अनुसार योगदान मार्जिन ब्रेकईवन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।”
इंस्टामार्ट का ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू यानी जीओवी तिमाही के दौरान सालाना आधार पर 68.8 प्रतिशत बढ़कर 7,881 करोड़ रुपए पहुंच गया।
वहीं, फूड डिलीवरी कारोबार में जीओवी 9,005 करोड़ रुपए रहा और कुल ऑर्डर संख्या 18.3 मिलियन तक पहुंच गई।
इस बीच, शुक्रवार को स्विगी के शेयर बीएसई पर 0.68 प्रतिशत की बढ़त के साथ 281.30 रुपए पर बंद हुए। कंपनी के शेयर ने पिछले 52 हफ्तों में 473 रुपए का उच्चतम और 256.40 रुपए का न्यूनतम स्तर छुआ है।
–आईएएनएस
डीबीपी