दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली तीन दिवसीय दौरे पर आएंगे भारत

सोल/नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग अगले हफ्ते तीन दिवसीय दौरे पर भारत आएंगे। यात्रा का उद्देश्य भारत-दक्षिण कोरिया विशेष रणनीतिक साझेदारी को गहरा करना और व्यापार-निवेश को बढ़ाना है। प्रमुख चर्चाओं में उन्नत तकनीकें, जहाज निर्माण और रक्षा सहयोग शामिल हैं।
योनहाप न्यूज एजेंसी ने देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार वाई सुंग-लैक के हवाले से यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ली रविवार (19-21 अप्रैल) को भारत के तीन दिन के राजकीय दौरे पर रवाना होंगे और सोमवार को नई दिल्ली में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वार्ता करेंगे।
भारत में, ली की योजना एक बिजनेस फोरम में भी शामिल होने का है जिसमें दोनों देशों के शीर्ष व्यवसायी शामिल होंगे। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से आयोजित स्टेट डिनर में भी ली शामिल होंगे।
वाई ने कहा, “ली के दौरे को देखते हुए, (दोनों देश) शिपबिल्डिंग और मैरीटाइम इंडस्ट्रीज, फाइनेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), और रक्षा जैसे स्ट्रेटेजिक सेक्टर में आर्थिक सहयोग का एक नया अध्याय शुरू होने की उम्मीद है। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण तेजी से बदलते भू-राजनीतिक माहौल के बीच दोनों देश एनर्जी सप्लाई चेन पर मिलकर काम करने को तत्पर हैं।”
ली और मोदी तीसरी बार आमने-सामने बातचीत करेंगे। पिछले साल ‘ग्रुप ऑफ सेवन’ और ‘ग्रुप ऑफ 20 समिट’ में दोनों मिले थे। ली भारत के बाद मंगलवार को वियतनाम जाएंगे और बुधवार को वियतनाम के राष्ट्रपति और कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव टो लैम से वार्ता करेंगे।
वियतनाम में, ली बुधवार को हनोई में टो लैम के साथ एक सम्मेलन में भाग लेंगे और दोनों देशों के बीच सहयोग को लेकर एमओयू पर सहमति की अपेक्षा है।
इस दौरे से ली पहले विदेशी नेता बन जाएंगे जो टो लैम के स्टेट प्रेसिडेंट चुने जाने के बाद वहां पहुंचेंगे। वाई के अनुसार, ये दोनों देशों के भविष्य के लिए बेहतर होगा।
अगले दिन, उनका वियतनाम के प्रधानमंत्री फाम मिन्ह चिन्ह और नेशनल असेंबली के चेयरमैन ट्रान थान मान से मिलेंगे। इसके बाद वो एक बिजनेस फोरम में शामिल होंगे।
वाई ने कहा, “इस दौरे के जरिए ली का मकसद न्यूक्लियर एनर्जी समेत खास सेक्टर में वियतनाम के साथ स्ट्रेटेजिक सहयोग को मजबूत करना है। बढ़ती ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच दोनों नेता एनर्जी सप्लाई चेन को स्थिर करने और जरूरी मिनरल्स में सहयोग बढ़ाने पर गहन चर्चा करेंगे।”
भारत और वियतनाम की यात्रा करने के बाद ली शुक्रवार को सोल लौट जाएंगे।
–आईएएनएस
केआर/