राज्यसभा उपसभापति चुनाव का बहिष्कार करेंगे विपक्षी दल : जयराम रमेश

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए 17 अप्रैल को चुनाव होने जा रहा है। सत्तारूढ़ एनडीए की तरफ से एक बार फिर हरिवंश को इस पद के लिए उम्मीदवार बनाया गया है। इस बीच कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश की ओर इस चुनाव का बहिष्कार का ऐलान किया गया है।
राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके इस फैसले के पीछे के कारणों को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा, “पहली बात तो यह है कि मोदी सरकार ने सात वर्षों से लोकसभा में उपसभापति की नियुक्ति नहीं की है। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।”
उन्होंने कहा, “राज्यसभा में उपाध्यक्ष के समकक्ष उपसभापति के पद के समान होता है। हरिवंश का दूसरा कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हुआ। एक दिन बाद ही उन्हें भारत के राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया और अब वे एनडीए के उपसभापति पद के लिए तीसरी बार उम्मीदवार हैं। इससे पहले कभी भी राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा के लिए मनोनीत किसी व्यक्ति को उपसभापति पद के लिए विचार नहीं किया गया है।”
उन्होंने कहा, “यह सब विपक्ष से बिना किसी सार्थक परामर्श के किया जा रहा है। इन तीनों कारणों से और विरोध जताते हुए, लेकिन हरिवंश का अनादर किए बिना, विपक्ष ने खेदपूर्वक 17 अप्रैल को होने वाले उपसभापति चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। विपक्ष को उम्मीद है कि हरिवंश 3.0 हमारे अनुरोधों के प्रति अधिक सहिष्णु और ग्रहणशील होंगे।”
हरिवंश झारखंड के रांची के रहने वाले हैं और वे लंबे समय से सक्रिय राजनीति में हैं। वे 10 अप्रैल 2014 से बिहार कोटे से राज्यसभा सांसद हैं और 10 अप्रैल 2020 को वे फिर से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। राजनीति में आने से पहले हरिवंश पत्रकारिता से जुड़े रहे हैं।
उन्हें पहली बार 9 अगस्त 2018 को राज्यसभा का उपसभापति चुना गया था। उस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के बी.के. हरिप्रसाद को हराया था। इसके बाद अप्रैल 2020 में उनका कार्यकाल पूरा हुआ, लेकिन बाद में 14 सितंबर 2020 को उन्हें दोबारा उपसभापति चुना गया, जहां उन्होंने राजद के मनोज कुमार झा को पराजित किया।
–आईएएनएस
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