कुछ अफवाह और एक्टर असल जिंदगी से ज्यादा दिलचस्प होती हैं: राज कुंद्रा

मुंबई, 2 अगस्त (आईएएनएस)। बिजनेसमैन राज कुंद्रा ने अपने बारे में फैल रही अफवाहों और अटकलों पर अपनी राय रखी है। गॉसिप या अफवाहों से निपटने के अपने तरीके के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि वे अक्सर हर अफवाह का खंडन नहीं करते, क्योंकि उनमें से कुछ उनकी असल जिंदगी से ज्यादा मजेदार होती हैं।
राज कुंद्रा ने अपना एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “जब मैं अपने बारे में अफवाहें सुनता हूं तो मैं उन्हें नकारता नहीं हूं, क्योंकि वे मेरी असल जिंदगी से कहीं ज्यादा दिलचस्प होती हैं!”
इस वीडियो क्लिप में राज कुंद्रा सफेद टी-शर्ट, नीली जींस और सफेद पगड़ी पहने हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में वे मजेदार चेहरे के हाव-भाव भी बनाते हुए दिख रहे हैं।
राज कुंद्रा पिछले कुछ वर्षों से कई विवादों से जुड़े रहे हैं, जिनमें वित्तीय समस्याओं और कानूनी मामलों से जुड़ी खबरें शामिल हैं।
इस बीच राज कुंद्रा अपनी आने वाली फिल्म ‘द ग्रेट पंजाब रॉबरी’ के प्रमोशन में व्यस्त हैं। सौरभ वर्मा द्वारा निर्देशित और लिखित यह फिल्म एक अनोखा सिनेमाई अनुभव देने का वादा करती है, जैसा पंजाबी सिनेमा में पहले कभी नहीं देखा गया।
इस एक्शन-पैक्ड एंटरटेनर फिल्म में पायल राजपूत, गर्विता साधवानी, महाबीर भुल्लर, परमवीर सिंह, अंकित सागर, अमित बहल और कुलवीर सोनी जैसे दमदार कलाकार शामिल हैं। ‘द ग्रेट पंजाब रॉबरी’ 7 अगस्त को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है।
राज कुंद्रा ने 2025 में ‘मेहर’ फिल्म से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा था। उन्होंने गीता बसरा और सविता भट्टी के साथ काम किया था। राकेश मेहता द्वारा निर्देशित यह फिल्म पंजाब के एक किसान करमजीत की कहानी थी, जो अपने परिवार से दोबारा जुड़ने की कोशिश करते हुए प्रायश्चित की तलाश में रहता है।
वे रियलिटी शो “द ट्रेटर्स” का भी हिस्सा थे, जो डच सीरीज ‘डी वेराडर्स’ का भारतीय रूपांतरण था और जिसे करण जौहर ने होस्ट किया था। ओरिजिनल शो के फॉर्मेट पर आधारित इस सीरीज में कंटेस्टेंट्स का एक ग्रुप ‘माफिया’ या ‘वेयरवोल्फ’ जैसे रणनीतिक खेल में हिस्सा लेता था। प्रतिभागियों का एक चुनिंदा ग्रुप, जिन्हें “ट्रेटर्स” कहा जाता था, चुपके से “इनोसेंट्स” (बेगुनाहों) को खेल से बाहर करने का काम करता था, जबकि बाकी कंटेस्टेंट्स को गेम जीतने के लिए ट्रेटर्स की पहचान करके उन्हें वोट के जरिए बाहर करना होता था।
–आईएएनएस
पीआईएम/वीसी