बैंकिंग क्षेत्र 'विकसित भारत' विजन में निभाएगा अहम भूमिका : एसबीआई चेयरमैन


मुंबई, 27 मई (आईएएनएस)। बैंकिंग सेक्टर पूंजी, उद्यमिता और वित्तीय समावेशन को आगे बढ़ाकर विकसित भारत विजन में अहम भूमिका निभाएगा। यह जानकारी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के चेयरमैन सीएस शेट्टी की ओर से बुधवार को दी गई।

बैंक की वार्षिक रिपोर्ट में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए सेट्टी ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र पूंजी जुटाने, बुनियादी ढांचे के विकास में सहयोग देने, उद्यमिता को बढ़ावा देने और पूरे देश में वित्तीय समावेशन को आगे बढ़ाने में एक परिवर्तनकारी भूमिका निभाएगा।

सेट्टी ने कहा,”देश के सबसे बड़े बैंक के रूप में, हम इस भूमिका के साथ आने वाले अवसर और जिम्मेदारी दोनों को पहचानते हैं और भारत की विकास आकांक्षाओं का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

बैंक के भविष्य के रोडमैप के बारे में बताते हुए सेट्टी ने कहा कि एसबीआई की रणनीतिक प्राथमिकताएं “डिजिटल फर्स्ट, कस्टमर फर्स्ट” दृष्टिकोण को मजबूत करने पर केंद्रित रहेंगी।

उन्होंने कहा कि बैंक अधिक चुस्त, इंटेलिजेंस और उत्तरदायी बैंकिंग प्रणाली बनाने के लिए प्रौद्योगिकी, डेटा विश्लेषण, एआई, साइबर सुरक्षा और डिजिटल अवसंरचना में भारी निवेश करना जारी रखेगा।

वित्त वर्ष 2026 को बैंक के लिए एक ऐतिहासिक वर्ष बताते हुए, सेट्टी ने कहा कि एसबीआई ने प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में अपनी नेतृत्व स्थिति को मजबूत किया है, साथ ही प्रौद्योगिकी-संचालित और ग्राहक-केंद्रित वित्तीय संस्थान के रूप में अपने परिवर्तन की प्रक्रिया को जारी रखा है।

उन्होंने आगे कहा कि परिवर्तन के अगले चरण का ध्यान सभी ग्राहक वर्गों और चैनलों में अत्यधिक व्यक्तिगत, निर्बाध और सहज बैंकिंग अनुभव प्रदान करने पर केंद्रित होगा।

सेट्टी ने बताया, “हमारे परिवर्तन के अगले चरण का फोकस सभी ग्राहक वर्गों और चैनलों में अत्यधिक व्यक्तिगत, निर्बाध और सहज बैंकिंग अनुभव प्रदान करने पर केंद्रित होगा।”

साथ ही, उन्होंने एसबीआई के संबंध-आधारित मॉडल में भौतिक बैंकिंग के निरंतर महत्व पर जोर दिया।

उनके अनुसार, बैंक का लक्ष्य अपने शाखा नेटवर्क की शक्ति को डिजिटल प्लेटफॉर्म की गति और सुविधा के साथ एकीकृत करके एक सच्चा सर्व-चैनल बैंकिंग अनुभव बनाना है।

–आईएएनएस

एबीएस/


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