लॉस एंजिल्स में भाषा से जुड़ी चुनौतियों पर बोलीं सना सईद, 'सुना जाना सबसे जरूरी होता है'


मुंबई, 2 जुलाई (आईएएनएस)। सुपरहिट फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ में शाहरुख खान की बेटी ‘अंजलि’ का किरदार निभाकर लोगों के दिलों में जगह बनाने वाली अभिनेत्री सना सईद ने सोशल मीडिया पर अपना एक अनुभव साझा किया। दरअसल, उन्होंने विदेश में रहने के दौरान भाषा, उच्चारण और संवाद से जुड़ी कठिनाइयों के बारे में खुलकर बात की।

सना सईद आज लॉस एंजिल्स में रहती हैं और अपने करियर और जीवन को नए तरीके से आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने गुरुवार को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने अपने अमेरिका पहुंचने के शुरुआती दिनों का एक दिलचस्प अनुभव बताया।

सना ने बताया, “साल 2016 में मैं पहली बार पढ़ाई के लिए लॉस एंजिल्स आईं थी। इस दौरान मुझे रोजमर्रा की छोटी-छोटी बातों में भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। मुझे याद है कि एक बार मैं एक रेस्टोरेंट में गई थी और वहां पानी पीना चाहती थी लेकिन मेरा उच्चारण वहां के लोगों को ठीक से समझ नहीं आया। मैंने कई बार ‘वॉटर’ कहा, लेकिन रेस्टोरेंट वाला अलग-अलग चीज समझता रहा और यहां तक कि ‘सोडा’ या ‘कोक’ तक ऑफर करने लगा।”

उन्होंने आगे कहा, ”उस दिन मुझे एहसास हुआ कि अगर मुझे अमेरिका में लंबे समय तक रहना है, तो मुझे अपने बातचीत करने के तरीके पर काम करना होगा, क्योंकि सुना जाना सबसे जरूरी है। इसके बाद मैंने अपने उच्चारण और बोलने के तरीके पर ध्यान देना शुरू किया और इसके लिए ट्रेनिंग भी ली।”

सना ने बताया कि यह प्रक्रिया आसान नहीं थी। किसी नए देश में जाकर वहां की भाषा के अनुसार खुद को ढालना बिल्कुल एक नई भाषा सीखने जैसा होता है। इसमें समय, मेहनत और लगातार अभ्यास की जरूरत होती है। उन्होंने कहा, ”कई लोग सोचते हैं कि उच्चारण बदलना बहुत आसान है, लेकिन असल में इसके पीछे बहुत मेहनत और आत्मविश्वास की जरूरत होती है।”

उन्होंने कहा, ”मुझे इस बात से परेशानी होती है कि लोग अक्सर किसी के उच्चारण का मजाक उड़ाते हैं या उसे गलत समझते हैं। हर व्यक्ति का बोलने का अपना तरीका होता है, जो उसकी संस्कृति और पृष्ठभूमि से जुड़ा होता है। इसलिए किसी के उच्चारण को लेकर नकारात्मक टिप्पणी करना सही नहीं है।”

सना ने अपने वीडियो में कहा, ”मेरे लिए संवाद करना सिर्फ बोलना नहीं है, बल्कि अपने विचारों को सही तरीके से दूसरों तक पहुंचाना है। अभिनय के क्षेत्र में काम करने वाले कलाकारों के लिए यह और भी जरूरी हो जाता है, क्योंकि उनकी आवाज और संवाद ही उनका सबसे बड़ा साधन होता है।”

अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के कैप्शन में सना ने लिखा, ”मेरा एक्सेंट अभी भी पूरी तरह परफेक्ट नहीं है लेकिन मुंबई और लॉस एंजिल्स के बीच के इस सफर ने मुझे एक बड़ा सबक दिया है। किसी भी भाषा या उच्चारण को लेकर शर्म महसूस करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हर व्यक्ति अपनी तरह से बोलता है और यह पूरी तरह सामान्य है। जब मैं अपनी मां से बात करती हूं, तो मेरा पुराना मुंबई वाला अंदाज फिर से लौट आता है।”

–आईएएनएस

पीके/पीएम


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