पेट्रोल-डीजल के दाम को लेकर लोगों ने रखी अपनी राय, कहा- ये तो होना ही था, अब कोई क्या करे


नई दिल्ली, 15 मई (आईएएनएस)। देशभर में शुक्रवार से पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी किए गए, जिसको लेकर लोगों में परेशानी भी बढ़ती नजर आ रही है। पेट्रोल, डीजल लेने वाले उपभोक्ताओं का कहना है कि सबको पता ही था, अब कोई क्या करे। दाम बढ़ने थे, बढ़ गए हैं, हम लोगों के लिए परेशानी हो गई है।

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी होने पर उपभोक्ता ने कहा, “कीमतों में बढ़ोतरी की उम्मीद थी, हर कोई यह अच्छी तरह जानता था कि ऐसा होना ही है। कम लोगों के लिए परेशानी हो गई है। लोग इसके लिए मानसिक रूप से तैयार थे लेकिन इस बात से बड़ी राहत मिली है कि कीमतें सिर्फ तीन रुपये ही बढ़ी हैं। अगर पीएम मोदी की सरकार सत्ता में है, तो कम से कम एक बात तो तय है, पूरी दुनिया में हर जगह पेट्रोल और डीजल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। फिर भी यहां बढ़ोतरी सिर्फ तीन रुपये की हुई है, इसलिए हम इससे संतुष्ट हैं।”

वहीं दूसरे उपभोक्ता ने कहा, “अभी दुनिया भर में बहुत बड़ा संकट चल रहा है, खासकर पेट्रोलियम को लेकर। मध्य-पूर्व हमारे डीज़ल, पेट्रोल, सीएनजी और दूसरे ईंधनों की सप्लाई का मुख्य जरिया है। इसलिए, अगर इस वैश्विक संकट के दौरान कीमतें तीन रुपये बढ़ गई हैं, तो हमें इसका विरोध करने के बजाय समर्थन करना चाहिए, क्योंकि हम भी देख सकते हैं कि हालात क्या हैं।”

एक ग्राहक ने कहा, “हम इसके बारे में क्या कर सकते हैं? ये चीज़ें दूसरे देशों से आती हैं, इनका उत्पादन यहां नहीं होता। इसलिए सरकार जो भी कदम उठा रही है, वह देश के हित में ही कर रही है। इस स्थिति में हम क्या कर सकते हैं? अगर सारा सामान बाहर से आ रहा है, तो वह वहाँ भी महंगा होगा, और फिर उसे यहां भी ज्यादा कीमतों पर बेचना पड़ेगा।”

एक और ग्राहक ने कहा, “इससे हमारे खर्चों पर जरूर असर पड़ेगा और महंगाई पहले से ही ज़्यादा है। यह बढ़ोतरी उतनी ज़्यादा नहीं है जितनी उम्मीद थी, लेकिन फिर भी इससे फ़र्क पड़ेगा। सरकार ने इसे कुछ हद तक काबू में रखा है, लेकिन फिर भी इसका असर तो पड़ेगा ही।”

एक ग्राहक ने कहा, “डीजल की कीमत 3 रुपये बढ़ गई है, इससे हर चीज की कीमत बढ़ जाएगी क्योंकि ट्रांसपोर्टेशन का खर्च बढ़ जाएगा। युद्ध चल रहा है और अब इसका असर हम पर भी पड़ रहा है।”

–आईएएनएस

एसएके/पीएम


Show More
Back to top button