एनएसयूआई का नीट पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन, एनटीए पर प्रतिबंध की मांग

नई दिल्ली, 18 मई (आईएएनएस)। दिल्ली में एनएसयूआई ने नीट पेपर लीक को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और एनटीए पर प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शनकारी छात्र ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से सवाल पूछते हुए कहा कि छात्रों की मेहनत की रातों का जवाब कौन देगा, सपनों के टूटने का जवाब कौन देगा। अगर बिकने लगे पेपर बाजारों में, तो इमानदारी से पढ़ने का ख्वाब कौन देखेगा।
दिल्ली में एनएसयूआई प्रदर्शनकारी ने कहा कि हर साल एनटीए पेपर लीक कर रहा है। इस दौरान लाखों छात्रों का जीवन प्रभावित हो रहा है। साल भर छात्र तैयारी करता है और आखिर में उसे पता चलता है कि पेपर लीक हो गया। ऐसी स्थिति में परिवार आर्थिक दबाव में आ जाता है। पेपर लीक होने की घटनाओं से कई छात्र आत्महत्या करने जैसे कदम तक उठा लेते हैं। इसलिए हम चाहते हैं कि एनटीए पर प्रतिबंध लगना चाहिए और शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा दें।
एक अन्य प्रदर्शनकारी ने भी एनटीए पर प्रतिबंध और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की बात को दोहराया है। उन्होंने कहा कि साल 2021, 2024 और 2026 में नीट का पेपर लीक हुआ। इस मामले के मुख्य सरगना को गिरफ्तार करने की जरूरत है। चार छात्रों ने आत्महत्या किया है; उसकी जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पेपर लीक होने से छात्र मानसिक रूप से तनाव में जा रहे हैं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की आत्मा मर चुकी है और पेपर की तैयारी कर रहे छात्र आत्महत्या कर रहे हैं।
वहीं, उत्तर प्रदेश के बस्ती में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया, नीट पेपर लीक के मुद्दे को उजागर करने के लिए झालमुड़ी बांटी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भाजपा प्रशासन कमजोर है, इसलिए हर पेपर लीक हो रहा है। आज का युवा नौकरी न मिलने के कारण झालमुड़ी बेचने पर विवश है। यह सरकार पूरी तरह छात्र और युवा विरोधी है।
–आईएएनएस
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