मुंबई में मोहन भागवत का जेन-जी और जेन-अल्फा से संवाद: शिक्षा, राजनीति और युवा भूमिका पर खुलकर हुई चर्चा

मुंबई, 6 अगस्त (आईएएनएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने गुरुवार को मुंबई में आईआईएमयूएन यानी इंडिया इंटरनेशनल म्यून द्वारा आयोजित एक विशेष संवाद कार्यक्रम में जेन-जी’ और जेन-अल्फा से खुलकर बातचीत की। इस एक घंटे तक चले इंटरैक्टिव सत्र में शिक्षा, राजनीति, लैंगिक समानता, एलजीबीटीक्यू अधिकार, देश की युवा भूमिका और संवाद की अहमियत जैसे मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई। कार्यक्रम का संचालन आईआईएमयूएन के संस्थापक और अध्यक्ष ऋषभ शाह ने किया।
आईआईएमयूएन पिछले कई वर्षों से देशभर के स्कूल-कॉलेज के छात्रों के लिए मॉडल यूनाइटेड नेशंस और नेतृत्व मंच चलाता आ रहा है। इस बार मंच पर संघ प्रमुख के साथ सीधा संवाद रखकर युवाओं को अलग-अलग विचारों को सुनने और समझने का मौका दिया गया।
आईआईएमयूएन के फाउंडर ऋषभ शाह ने कार्यक्रम के बाद कहा, “बातचीत करना बहुत जरूरी है। हमारे जैसे देश में अगर बातचीत नहीं होगी, तो और ज्यादा टकराव और आंदोलन होंगे। लेकिन अगर बातचीत होती है, तो फालतू विरोध या आंदोलन की जरूरत नहीं पड़ेगी। अगर बातचीत से सभी तरह के सवालों और मुद्दों के जवाब मिल जाते हैं तो यह एक अच्छी बात है।”
उन्होंने जेन-जी और जेन अल्फा से विशेष अपील करते हुए कहा, “आपके जरिए मैं जेन-जी और जेन अल्फा से भी कहना चाहूंगा कि उन्हें अपना जुड़ाव बनाए रखना चाहिए और बातचीत जारी रखनी चाहिए।”
ऋषभ शाह ने कहा, “आईआईएमयूएन कोई एकतरफा मंच नहीं है। आज उनके जवाबों में आपने देखा होगा कि उन्होंने भाजपा, देश और कई अन्य मुद्दों के बारे में कितनी बातें कहीं। आईआईएमयूएन कोई ऐसा मंच नहीं है जहां सिर्फ एक पक्ष या एक नजरिए के लोग आते हैं। यह एक ऐसा मंच है जहां अलग-अलग नजरियों का प्रतिनिधित्व किया जाता है।”
कार्यक्रम में शामिल एक छात्र ने कहा, “मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे यहां आने और मोहन भागवत से बातचीत करने का मौका मिला। यह मेरे लिए बहुत सार्थक और मूल्यवान अनुभव था।”
एक अन्य प्रतिभागी ने विचारों की विविधता का सम्मान करते हुए कहा, “मैं उन लोगों का सम्मान करता हूं जो अपनी आवाज उठाना और मजबूती से खड़े रहना जानते हैं। चाहे वे लेफ्ट हों, राइट हों, विपक्ष में हों या किसी और ग्रुप से हों, मैं उनके इस गुण का सम्मान करता हूं। यह उनकी विचारधारा या पहचान की बात नहीं है, क्योंकि हर कोई जानता है कि समस्या क्या है।”
शिक्षा और लैंगिक समानता पर भी छात्रों ने सवाल पूछे। एक छात्र ने बताया, “मैंने आईआईएमयूएन के फाउंडर ऋषभ से उनकी बातचीत के जरिए बहुत कुछ सीखा। मुझे उनसे काफी जानकारी मिली। कई लोगों ने शिक्षा के बारे में बात की और जेंडर इक्वालिटी पर भी चर्चा की, जो मुझे बहुत सार्थक लगी।”
कार्यक्रम में एलजीबीटीक्यू समुदाय को लेकर हुई बातचीत की भी छात्रों ने सराहना की। एक छात्र ने कहा, “मुझे सबसे अच्छी बात यह लगी कि वे युवाओं का हौसला बढ़ाते हैं और उनका समर्थन करते हैं। मुझे यह बहुत अच्छा लगा कि वे युवा पीढ़ी, खासकर जेन-जी का समर्थन करते हैं। मुझे यह भी अच्छा लगा कि उन्होंने अलग-अलग जेंडर के लोगों, जिसमें एलजीबीटीक्यू-प्लस समुदाय भी शामिल है, के प्रति समर्थन और सम्मान दिखाया।”
एक अन्य छात्र ने कहा, “जब उन्होंने एलजीबीटीक्यू अधिकारों के बारे में बात की, तो वह बहुत अच्छी बात थी। क्योंकि जो लोग एक ही लिंग या जेंडर से जुड़े हैं, उनके लिए कोई कानून बनना चाहिए। ताकि उन्हें भी जेंडर इक्वालिटी और शादी के मामले में अधिकार मिल सकें।”
एक छात्रा ने माहौल को प्रेरणादायक बताया, “मुझे लगता है कि मैं सच में प्रेरित हुआ हूं और आने वाले कुछ दिनों को लेकर बहुत उत्साहित हूं। मुझे इन कई विशेषज्ञों से बहुत कुछ सीखना है और हां, यह एक शानदार माहौल था। मुझे लगता है कि युवाओं के साथ सार्वजनिक रूप से ऐसी बातचीत करना हमेशा अच्छा होता है। मुझे खुशी है कि ऐसी बातों पर ध्यान दिया जा रहा है जिन पर अक्सर सार्वजनिक रूप से इतनी आम तौर पर चर्चा नहीं होती थी।”
संवाद को महाराष्ट्र के कई नेता और सार्वजनिक हस्तियों ने भी सराहा। मंत्री पंकजा मुंडे ने कहा, “आज आईआईएमयूएन के ऋषभ शाह ने मोहन भागवत के साथ बहुत अच्छी बातचीत की। उन्होंने सभी सवाल पूछे जो जेन-जी पूछना चाहते थे। इतने युवा दर्शकों के सामने एक घंटे का इंटरव्यू करना आसान नहीं होता, लेकिन उन्होंने इसे बहुत अच्छे से संभाला।”
शिवसेना नेता शायना एनसी ने कहा, “सम्मानित आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत ने बहुत ईमानदारी से युवाओं को सकारात्मकता का संदेश देकर प्रेरित किया। हमारा मानना है कि देश की युवा पीढ़ी न केवल भविष्य है, बल्कि वर्तमान भी है। साथ ही, यह समझना भी जरूरी है कि भविष्य में देश क्या बन सकता है। युवा खास तौर पर ईमानदारी और सच्चाई की भाषा ही समझते हैं और उस पर प्रतिक्रिया देते हैं।”
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने कहा, “मैं इसे सिर्फ अपने लिए एक सीख नहीं कहूंगी; मैं कहूंगी कि यह हम सभी के लिए एक सीख है। हमें बस एक साथ आगे बढ़ने की जरूरत है। हमें बातचीत करनी चाहिए, विचारों का आदान-प्रदान करना चाहिए और चर्चा करनी चाहिए, लेकिन प्यार और सम्मान के साथ।”
उदयपुर के राजकुमार लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने संवाद की तारीफ करते हुए कहा, “यह चर्चा और विचारों के आदान-प्रदान का समय है। सबसे अच्छी बात यह रही कि जेन-जी ने इस संदेश को बहुत सकारात्मक रूप से लिया। उनकी प्रतिक्रियाओं और जिस तरह से उन्होंने अपने विचार रखे, उससे पता चला कि विचारों का सार्थक आदान-प्रदान हुआ। इससे एक बात और बहुत स्पष्ट हो गई; विचारों में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन उन्हें लोगों के बीच मतभेद में नहीं बदलना चाहिए।”
फिल्म जगत के लोगों ने भी कार्यक्रम की सराहना की। एक्ट्रेस कुब्रा सैत और एक्टर्स साइरस ब्रोचा व जैकी भगनानी भी मौजूद थे। कुब्रा सैत ने कहा, “अगर हम आज अपने आस-पास के हालात को देखें, तो मुझे नहीं लगता कि इसे सिर्फ किसी खास ग्रुप के लोगों की समस्या के तौर पर देखा जाना चाहिए। हमने हाल ही में विरोध-प्रदर्शन देखे हैं और लोगों की सोच का तरीका भी देखा है। लेकिन यह हमारे लिए खुद को और एक-दूसरे को समझने की कोशिश करने का एक मौका भी है। हमें खुले मन से सोचना चाहिए और जब लोग अपनी बात कहने की कोशिश कर रहे हों, तो रुकावटें या पाबंदियां नहीं लगानी चाहिए। मैंने पहले भी यह कहा है; आज हम अक्सर यह भूल जाते हैं कि यह सिर्फ हमारे युवाओं की बात नहीं है, असल में वे ही हमारा भविष्य हैं।”
उन्होंने प्रधानमंत्री के हालिया वीडियो का भी जिक्र किया, “प्रधानमंत्री ने जो वीडियो बनाया, वह वाकई कमाल का था! मुझे लगता है कि यह बहुत चर्चा का विषय बन गया। उनका आगे आना और बस वैसा वीडियो बनाना, मुझे बहुत बढ़िया लगा। तो, मैं बस यही कह रही हूं कि हमारे बुजुर्गों के बीच सबको साथ लेकर चलना बहुत जरूरी है, चाहे वे हमारे बुजुर्ग हों या हम खुद किसी और के लिए बुजुर्ग बनें। मुझे लगता है कि सबको शामिल करना बहुत जरूरी है।”
एक्टर साइरस ब्रोचा ने आईआईएमयूएन के मंच की तारीफ की, “ऋषभ ने इसमें बहुत अच्छा काम किया है। उनके विचार और सोच बहुत अलग, बहुत प्रभावशाली और भविष्य को ध्यान में रखने वाले हैं। मैं इस बात की तारीफ करता हूं कि उन्होंने एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया है जहां एक तरफ आरएसएस प्रमुख भागवत हैं और दूसरी तरफ जेन-जी है। मुझे लगता है कि भागवत और जेन-जी के बीच जो जुड़ाव और पुल बना है, वह एक सकारात्मक संकेत है।”
एक्टर जैकी भगनानी ने कहा, “मैं भागवत जी का बहुत बड़ा फैन हूं। जिस तरह से उन्होंने हर सवाल का जवाब इतने सहयोगी और सोच-समझकर दिया, वह वाकई बहुत प्रभावशाली था। उन्होंने हर सवाल का बहुत अच्छे से जवाब दिया। कभी-कभी हमारे मन में कुछ सवाल होते हैं, लेकिन उसी मुद्दे पर कोई दूसरा नजरिया भी हो सकता है। उन्हें सुनकर मुझे बेहतर समझ मिली और मुझे सच में बहुत अच्छा लगा।”
–आईएएनएस
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