श्रृंगेरी पुनर्मतगणना संबंधी टिप्पणी को लेकर कर्नाटक भाजपा ने डिप्टी सीएम शिवकुमार की आलोचना की


बेंगलुरु, 3 मई (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक इकाई ने रविवार को श्रृंगेरी विधानसभा क्षेत्र की पुनर्गणना पर उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की टिप्पणियों की कड़ी आलोचना करते हुए उन्हें ‘बचकाना’ बताया और आरोप लगाया कि ये संविधान और न्यायपालिका का अपमान हैं।

विधानसभा में विपक्ष के नेता चालवाडी टी. नारायणस्वामी ने पुनर्गणना प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी एक बयान में कहा कि शिवकुमार की टिप्पणियां न केवल राजनीतिक रूप से प्रेरित थीं, बल्कि कांग्रेस की ओर से ‘निराशा की पराकाष्ठा’ को दर्शाती हैं।

उन्होंने पार्टी पर चुनाव परिणाम को स्वीकार करने में असमर्थ होने और झूठे बयान देने का आरोप लगाया।

नारायणस्वामी ने शिवकुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक निराशा समझ में आती है, लेकिन यह न्यायपालिका की गरिमा को कम करने की कीमत पर नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कांग्रेस से जनता के फैसले को स्वीकार करने और अधिकारियों तथा भाजपा उम्मीदवार डीएन जीवराज के खिलाफ आरोप लगाने से परहेज करने का आग्रह किया।

भाजपा नेता ने कहा कि श्रृंगेरी का फैसला जनता की इच्छा और न्याय की रक्षा दोनों को दर्शाता है।

शिवकुमार द्वारा पुनर्गणना प्रक्रिया को आपराधिक गतिविधि के रूप में वर्णित करने के कथित आरोप पर सवाल उठाते हुए नारायणस्वामी ने कहा कि यह प्रक्रिया उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार ही सख्ती से की गई थी।

उन्होंने कहा, “इसे आपराधिक कृत्य करार देकर वे अप्रत्यक्ष रूप से न्यायपालिका पर ही सवाल उठा रहे हैं। ऐसा हठधर्मी रवैया लोकतंत्र के लिए हानिकारक है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को चुनावी प्रक्रिया और न्यायिक संस्थानों दोनों पर भरोसा नहीं है, और दावा किया कि जब भी चुनाव परिणाम उसके पक्ष में नहीं जाते हैं तो संवैधानिक निकायों को निशाना बनाने का उसका इतिहास रहा है।

श्रृंगेरी में हुई वोटों की दोबारा गिनती का जिक्र करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि इस प्रक्रिया ने वोट में हेराफेरी के प्रयासों को उजागर किया है और कहा कि परिणाम सच्चाई का प्रतिबिंब है।

उन्होंने कन्नड़ साहित्य की एक पंक्ति का भी हवाला देते हुए कहा कि जब सच्चाई स्पष्ट हो जाती है तो जनता को गुमराह करने के प्रयास सफल नहीं होंगे।

नारायणस्वामी ने अधिकारियों के दुरुपयोग के आरोपों को ‘बेबुनियाद’ बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि अदालत की देखरेख में होने वाली प्रक्रिया में पक्षपात की कोई गुंजाइश नहीं होती। उन्होंने कांग्रेस द्वारा कानूनी लड़ाई लड़ने के संकेत को ‘हार छुपाने’ का प्रयास बताया।

उन्होंने कहा कि डाक मतपत्रों की गिनती की पारदर्शिता पर सवाल उठाना चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर संदेह पैदा करने के बराबर है।

बता दें कि कर्नाटक उच्च न्यायालय के आदेश पर श्रृंगेरी विधानसभा चुनाव 2023 में हुए चुनावों में डाक मतपत्रों के पुनर्सत्यापन और पुनर्गणना पूरी होने के बाद भाजपा ने जीत का दावा किया था। उपमुख्यमंत्री और कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने रविवार को आरोप लगाया कि चिक्कमगलुरु जिले की इस विधानसभा सीट पर ‘बड़े पैमाने पर साजिश और सुनियोजित अपराध’ हुआ है, जिसे उन्होंने देश और लोकतंत्र पर कलंक बताया।

–आईएएनएस

डीकेपी/


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