वैश्विक अस्थिरता में भी तेजी से दौड़ रही भारतीय अर्थव्यवस्था, वित्त वर्ष 2025-26 में विकास दर 7.7 प्रतिशत रही

नई दिल्ली, 5 जून (आईएएनएस)। भारतीय अर्थव्यवस्था की रियल जीडीपी वृद्धि दर वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7 प्रतिशत रही है, जो कि वित्त वर्ष 2024-25 के फाइनल आंकड़े 7.1 प्रतिशत से काफी अधिक है। इसकी वजह द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र का अच्छा प्रदर्शन करना था। यह जानकारी सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी किए गए डेटा में दी गई।
भारत की अर्थव्यवस्था ऐसे समय पर तेजी से बढ़ रही है, जब अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण अस्थिरता के दौर से गुजर रही है।
मंत्रालय की ओर से जारी किए गए डेटा में बताया गया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान देश की नॉमिनल जीडीपी वृद्धि दर 8.9 प्रतिशत रही है।
वहीं, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रियल और नॉमिनल ग्रॉस वैल्यू एडेड (जीवीए) में क्रमश:7.9 प्रतिशत और 9.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
सरकारी डेटा के मुताबिक, बीते वित्त वर्ष में द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र का प्रदर्शन मजबूत रहा है। इनकी वृद्धि दर स्थिर कीमतों में क्रमश: 8.8 प्रतिशत और 9.3 प्रतिशत रही है।
द्वितीयक क्षेत्र में मैन्युफैक्चरिंग और तृतीयक क्षेत्र में सर्विसेज सेक्टर को शामिल किया जाता है।
वित्त वर्ष 2025-26 में प्राथमिक क्षेत्र की वृद्धि दर 3.2 प्रतिशत रही है। इसमें कृषि और मछली पालन जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेड, रिपेयर, होटल, ट्रांसपोर्ट, कम्युनिकेशन और ब्रॉडकास्टिंग, स्टोरेज से जुड़े सर्विसेज और फाइनेंशियल, रियल एस्टेट एंव प्रोफेशनल सर्विसेज सेक्टर की वृद्धि दर स्थिर और मौजूदा कीमतों में दोहरे अंकों में रही है।
इसके साथ ही, सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के चौथी तिमाही के जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान भी जारी किए। जनवरी से मार्च अवधि के दौरान देश की विकास दर 7.8 प्रतिशत रही है। वहीं, नॉमिनल जीडीपी वृद्धि दर 9.1 प्रतिशत रही है।
इस दौरान देश की रियल और नॉमिनल जीवीए वृद्धि दर 7.9 प्रतिशत और 9.9 प्रतिशत रही है।
वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र की वृ्द्धि दर क्रमश: 7.9 प्रतिशत और 9.9 प्रतिशत रही है।
सरकार ने पहली बार नए आधार वर्ष 2022-23 के साथ जीडीपी डेटा जारी किया है, जो कि पहले 2011-12 पर था।
केंद्र द्वारा 27 फरवरी, 2026 को वार्षिक और तिमाही जीडीपी डेटा के लिए नया आधार वर्ष 2022-23 अपनाया था।
–आईएएनएस
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