पेंशन से जुड़े मुकदमों को कम करने के लिए 18 जुलाई को दूसरी राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित करेगी सरकार


नई दिल्ली, 17 जुलाई (आईएएनएस)। पेंशन से जुड़े मामलों में मुकदमों को कम करने और विभिन्न हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डिपार्टमेंट ऑफ पेंशन एंड पेंशनर्स वेलफेयर) 18 जुलाई को राष्ट्रीय राजधानी में दूसरी नेशनल वर्कशॉप ऑन पेंशन लिटिगेशन का आयोजन करेगा। शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।

इस कार्यशाला में सभी मंत्रालयों और विभागों के नोडल ऑफिसर्स, पैनल काउंसिल्स तथा कानूनी विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे, जिसका उद्देश्य पेंशन से जुड़े मामलों के बेहतर प्रबंधन के लिए सभी संबंधित पक्षों के बीच समन्वय को मजबूत करना है।

इसके अलावा, इस कार्यक्रम का मकसद उन बार-बार सामने आने वाले मुद्दों की पहचान करना भी है, जिनकी वजह से पेंशन संबंधी मुकदमेबाजी होती है, ताकि भविष्य में ऐसे विवादों से बचने के लिए प्रभावी समाधान तैयार किए जा सकें।

मिनिस्ट्री ऑफ पर्सोनल, पब्लिक ग्रीवांसेज एंड पेंशंस के बयान के अनुसार, पेंशन नियमों की अलग-अलग व्याख्या, पेंशन संबंधी लाभ देने में देरी, फैमिली पेंशन मंजूर करने में विलंब तथा एक ही श्रेणी के पेंशनभोगियों को अलग-अलग पेंशन मिलने जैसे कारण पेंशन मामलों में मुकदमों की प्रमुख वजह बनते हैं।

बयान में कहा गया कि डिपार्टमेंट ऑफ पेंशन एंड पेंशनर्स वेलफेयर द्वारा आयोजित इस नेशनल वर्कशॉप ऑन पेंशन लिटिगेशन का उद्देश्य विभिन्न मंत्रालयों, कानूनी विशेषज्ञों और पैनल काउंसिल्स के बीच सहमति बनाना है, ताकि सभी मिलकर पेंशन से जुड़े मुकदमों को कम करने की दिशा में काम कर सकें।

मिनिस्ट्री ऑफ पर्सोनल, पीजी एंड पेंशंस में मिनिस्टर ऑफ स्टेट (एमओएस) डॉ. जितेंद्र सिंह कार्यशाला के प्लेनरी सेशन को संबोधित करेंगे।

कार्यशाला में दो टेक्निकल सेशंस और एक प्लेनरी सेशन आयोजित किया जाएगा।

गौरतलब है कि विभाग ने 2 जुलाई 2025 को पहली नेशनल वर्कशॉप ऑन पेंशन लिटिगेशन का सफल आयोजन किया था, जिसमें विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के 300 से अधिक नोडल ऑफिसर्स और पैनल लॉयर्स ने भाग लिया था।

इस बीच, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने हाल ही में संगठन की सेवाओं को ऑटोमेशन और रूल-बेस्ड प्रोसेसिंग के जरिए आधुनिक बनाने के लिए सेंट्रलाइज्ड आईटी इनेबल्ड सर्विसेज (सीआईटीईएस) प्रोजेक्ट के तहत अपने सभी सदस्यों के रिकॉर्ड को नए सेंट्रलाइज्ड नेशनल डेटाबेस में सफलतापूर्वक माइग्रेट कर दिया है।

आधिकारिक बयान के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य सदस्यों को अधिक सुविधा देना, ईपीएफओ की कार्यक्षमता बढ़ाना और पारदर्शी, सहज तथा नागरिक-केंद्रित सेवाएं उपलब्ध कराना है। अब किसी भी सदस्य के सेवा अनुरोध का निपटारा देश में किसी भी अधिकृत स्थान से किया जा सकता है।

–आईएएनएस

डीबीपी


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