असम में निःशुल्क प्रवेश योजना के तहत 1.85 लाख से अधिक छात्रों का नामांकन दर्ज


गुवाहाटी, 19 जून (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को कहा कि राज्य भर में 1.85 लाख से अधिक स्नातक छात्रों को इस शैक्षणिक वर्ष में सरकार की निःशुल्क प्रवेश योजना का लाभ मिला है। उन्होंने इस उपलब्धि को उच्च शिक्षा तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाई गई कल्याणकारी योजनाओं के बढ़ते दायरे का प्रतीक बताया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के प्रमुख शिक्षा सहायता कार्यक्रम के तहत इस वर्ष अब तक 1,85,796 स्नातक छात्रों के प्रवेश शुल्क का भुगतान किया जा चुका है।

सरमा ने कहा कि असम में इस वर्ष अब तक 1.85 लाख से अधिक स्नातक छात्रों ने शून्य प्रवेश शुल्क का भुगतान किया है। यह केवल एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि हमारी कल्याणकारी योजनाओं का दायरा कितना व्यापक है और यह शिक्षा में निर्बाध निरंतरता सुनिश्चित करके हमारे समाज की नींव को कैसे बदल रहा है।

असम सरकार द्वारा छात्रों और उनके परिवारों पर वित्तीय बोझ कम करने के लिए शुरू की गई इस योजना के तहत राज्य भर के सरकारी और प्रांतीय संस्थानों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने के इच्छुक पात्र छात्रों के लिए प्रवेश शुल्क माफ किया जाता है।

अधिकारियों ने बताया कि इस पहल ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों को प्रवेश शुल्क की चिंता किए बिना उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों के स्कूल छोड़ने की दर को कम करना और कॉलेजों में नामांकन बढ़ाना भी है, विशेष रूप से ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में।

शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने अक्सर इस बात पर प्रकाश डाला है कि स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद छात्रों द्वारा पढ़ाई छोड़ने के प्रमुख कारणों में से एक वित्तीय बाधाएं हैं।

प्रवेश शुल्क समाप्त करके, सरकार गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा तक पहुंच में सुधार लाने और युवाओं के लिए अधिक अवसर सृजित करने की उम्मीद करती है।

मुख्यमंत्री ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि शिक्षा में निवेश असम की दीर्घकालिक विकास रणनीति का एक महत्वपूर्ण घटक है।

राज्य सरकार ने हाल के वर्षों में उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए छात्रवृत्ति, शुल्क माफी और शिक्षण संस्थानों में अवसंरचना विकास सहित कई उपाय किए हैं।

लाभार्थियों की नवीनतम संख्या 1.85 लाख से अधिक होने के साथ, सरकार इस कार्यक्रम को असम भर के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा को अधिक समावेशी और सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखती है।

–आईएएनएस

एमएस/


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