महंगाई और वेतन असमानता के खिलाफ बलूचिस्तान में कर्मचारियों का आंदोलन

क्वेटा, 11 जून (आईएएनएस)। पाकिस्तान के बलूचिस्तान में विभिन्न सरकारी कर्मचारी संगठनों और ट्रेड यूनियनों के महागठबंधन ने मांगों और कर्मचारियों के खिलाफ सरकार की कार्रवाई के विरोध में दो दिन के प्रदर्शन और धरना शिविरों की घोषणा की है।
पाकिस्तान के प्रमुख अखबार ‘डॉन’ की रिपोर्ट के अनुसार, गठबंधन के आयोजक अब्दुल कुद्दूस काकर ने बताया कि बलूचिस्तान में विरोध प्रदर्शन गुरुवार से शुरू हो गया, जबकि 15 जून को धरना दिया जाएगा। उन्होंने कर्मचारियों और आम लोगों की समस्याओं को हल करने में सरकार की ‘नाकामी’ की आलोचना की।
गठबंधन ने महंगाई के अनुसार न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग की है। साथ ही, संघीय और प्रांतीय कर्मचारियों के बीच वेतन में मौजूद असमानता खत्म करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि एक ही ग्रेड के कर्मचारियों को समान वेतन और सुविधाएं मिलनी चाहिए।
इससे पहले दो जून को ऑल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज ग्रैंड अलायंस (एजीईजीए) पंजाब के नेताओं ने कहा था कि पाकिस्तान में लगातार बढ़ती महंगाई के कारण सरकारी कर्मचारियों की खरीदने की क्षमता काफी कम हो गई है, जिससे सीमित आय में घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।
पाकिस्तान के एक अन्य प्रमुख अखबार ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के अनुसार, एजीईजीए नेतृत्व ने दो जून को जारी एक संयुक्त बयान में कहा कि पंजाब और अन्य प्रांतों के सरकारी कर्मचारियों को अब तक संघीय बजट 2025-26 में घोषित 30 प्रतिशत ‘डिस्पैरिटी अलाउंस’ नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से अवकाश नकदीकरण के नियमों में किए गए हालिया बदलावों से कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले महत्वपूर्ण लाभों से वंचित होना पड़ा है।
गठबंधन का आरोप है कि पंजाब के सेवानिवृत्त और वर्तमान कर्मचारियों की पेंशन, ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट के लाभों में कटौती की जा रही है। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मांग की है कि संघीय बजट 2026-27 में सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत देने वाले कदमों की घोषणा की जाए।
‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने मांग की है कि संघीय बजट 2025-26 में घोषित 30 प्रतिशत डिस्पैरिटी अलाउंस को सभी प्रांतों के कर्मचारियों तक बढ़ाया जाए, इसके अलावा 15 प्रतिशत अतिरिक्त वृद्धि दी जाए और पेंशन सुधारों को वापस लिया जाए।
इसके साथ ही, उन्होंने सभी एडहॉक राहत भत्तों को मूल वेतनमान में शामिल करने, वेतन ढांचे की व्यापक समीक्षा करने, मौजूदा महंगाई को देखते हुए वेतन और पेंशन में कम से कम 50 प्रतिशत वृद्धि करने तथा मकान किराया, चिकित्सा और यात्रा भत्तों में कम से कम पांच गुना बढ़ोतरी की मांग भी की है।
–आईएएनएस
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