क्यूबा ने नए अमेरिकी प्रतिबंधों को ‘एकतरफा दबाव’ की कार्रवाई बताया

हवाना, 2 मई (आईएएनएस)। क्यूबा ने अमेरिका द्वारा लगाए गए नए प्रतिबंधों की कड़ी आलोचना करते हुए उन्हें “एकतरफा दबाव डालने की कार्रवाई” बताया और कहा है कि ये कदम क्यूबा की जनता को सामूहिक रूप से सजा देने की कोशिश हैं।
क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिग्ज ने सोशल मीडिया पर कहा, “हम अमेरिकी सरकार द्वारा अपनाए गए इन एकतरफा दबावकारी तरीकों को पूरी तरह खारिज करते हैं।” उन्होंने कहा कि ये कदम क्यूबा के लोगों के खिलाफ सामूहिक दंड की मंशा को दर्शाते हैं।
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने रोड्रिग्ज के हवाले से बताया कि इन प्रतिबंधों की घोषणा इंटरनेशनल वर्कर्स डे के दिन की गई, जब क्यूबा के लाखों नागरिक सड़कों पर उतरकर अमेरिकी प्रतिबंधों और आर्थिक दबाव का विरोध कर रहे थे।
रोड्रिग्ज ने कहा कि ये कदम अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ हैं और संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का उल्लंघन करते हैं। उनके अनुसार, अमेरिका को क्यूबा या किसी तीसरे देश पर ऐसे प्रतिबंध लगाने का अधिकार नहीं है।
यह प्रतिक्रिया तब आई जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा पर नए प्रतिबंध लगाने के लिए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए।
इस आदेश के तहत अमेरिका में मौजूद या अमेरिकी नियंत्रण में आने वाली उन व्यक्तियों और संस्थाओं की संपत्तियां फ्रीज कर दी जाएंगी। ये सब क्यूबा की अर्थव्यवस्था के ऊर्जा, रक्षा, धातु व खनन, वित्तीय सेवाओं या सुरक्षा जैसे क्षेत्रों से जुड़े हैं।
इसके अलावा, आदेश का उद्देश्य क्यूबा की वैश्विक बैंकिंग प्रणाली तक पहुंच को सीमित करना भी है। इसमें उन विदेशी बैंकों और वित्तीय संस्थानों पर भी कार्रवाई का प्रावधान है, जो क्यूबा से जुड़े पहले से प्रतिबंधित व्यक्तियों या संस्थाओं के साथ लेनदेन करते हैं।
इस कदम के तहत अमेरिका ऐसे विदेशी वित्तीय संस्थानों को भी दंडित कर सकता है, जो क्यूबा सरकार से जुड़े लोगों के लिए या उनकी ओर से महत्वपूर्ण लेनदेन करते हैं।
–आईएएनएस
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