बैरकपुर सीट: भाजपा के कौस्तभ बागची ने टीएमसी उम्मीदवार राज चक्रवर्ती को दी शिकस्त

कोलकाता, 4 मई (आईएएनएस)। उत्तर 24 परगना जिले की बैरकपुर विधानसभा सीट पर रोमांचक मुकाबले में भाजपा उम्मीदवार कौस्तभ बागची ने बड़े अंतर से जीत हासिल की। कौस्तभ ने 78466 वोट हासिल कर टीएमसी उम्मीदवार और वर्तमान विधायक राज चक्रवर्ती को 15822 वोटों से हराया। राज को कुल 62644 वोट मिले। इस सीट से संभु दास (कांग्रेस) और सुमन रंजन बंद्योपाध्याय (सीपीआईएम) सहित 8 उम्मीदवार मैदान में थे।
बैरकपुर (नॉर्थ 24 परगना) पश्चिम बंगाल का एक प्रमुख शहरी विधानसभा क्षेत्र है, जो कोलकाता मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। यह सीट बैरकपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है और सामान्य सीट है। 2008 के परिसीमन आयोग की सिफारिशों के बाद इसका गठन हुआ और 2011 से यह विधानसभा चुनावों में सक्रिय है। इसमें बैरकपुर और टीटागढ़ नगरपालिकाएं शामिल हैं, जो पूरी तरह शहरी क्षेत्र हैं।
शुरुआत से ही तृणमूल कांग्रेस का यहां मजबूत प्रभाव रहा है। 2011 में शैलभद्र दत्ता ने सीपीआईएम उम्मीदवार को बड़े अंतर से हराकर पहली जीत दर्ज की थी। 2016 में भी उन्होंने सीट बरकरार रखी। बाद में उनके भाजपा में जाने के बाद 2021 में तृणमूल कांग्रेस ने राज चक्रवर्ती को उम्मीदवार बनाया, जिन्होंने भाजपा प्रत्याशी को पराजित किया।
विपक्षी राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) का वोट शेयर 2016 में 35 फीसदी से गिरकर 2021 में लगभग 11 प्रतिशत रह गया। वहीं भारतीय जनता पार्टी का समर्थन तेजी से बढ़ा और 2024 तक उसका वोट शेयर 41 फीसदी से अधिक पहुंच गया, जिससे यह क्षेत्र त्रिकोणीय मुकाबले की ओर बढ़ गया है।
जनसंख्या के अनुसार, 2021 में यहां लगभग 2.15 लाख मतदाता थे। मुस्लिम मतदाता लगभग 17.8 फीसदी और अनुसूचित जाति लगभग 7.45 फीसदी हैं। यह पूरी तरह शहरी सीट है और यहां ग्रामीण मतदाता नहीं हैं। मतदान प्रतिशत में लगातार गिरावट देखी गई—2011 में 77.82 फीसदी से घटकर 2021 में 68.85 फीसदी रह गया, जो शहरी मतदाता उदासीनता को दर्शाता है।
ऐतिहासिक रूप से भी बैरकपुर महत्वपूर्ण रहा है। यह ब्रिटिश काल का प्रमुख छावनी क्षेत्र था, और 1857 के विद्रोह की शुरुआती घटनाएं यहीं से जुड़ी हैं, जिसमें मंगल पांडे का नाम प्रमुख रूप से लिया जाता है। बाद में यह क्षेत्र जूट मिलों, रेलवे और रक्षा उद्योगों के कारण एक औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित हुआ।
–आईएएनएस
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