'एक नई शुरुआत', यूपीएससी अध्यक्ष ने 2026 की प्रारंभिक परीक्षा के बाद उत्तर कुंजी जारी करने पर कही ये बात


नई दिल्ली, 19 मई (आईएएनएस)। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 2026 के लिए परीक्षा के तुरंत बाद अनंतिम उत्तर कुंजी जारी करने के निर्णय को परीक्षा निकाय के अध्यक्ष ने ‘एक नई शुरुआत’ बताया है। उनका कहना है कि यह कदम उम्मीदवारों की शिकायतों को दूर करने और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने में काफी मददगार साबित होगा।

यूपीएससी सीएसई की प्रारंभिक परीक्षा की मूल्यांकन प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव करते हुए, यूपीएससी ने सोमवार को घोषणा की कि आयोग परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद उम्मीदवारों के साथ प्रारंभिक परीक्षाओं की प्रोविजनल आंसर-की (अस्थायी उत्तर कुंजी) साझा करेगा।

यूपीएससी के अनुसार, जो सिविल सेवा परीक्षाओं के आयोजन के लिए मुख्य संस्था है, उसने पारदर्शिता बढ़ाने और परीक्षा के संचालन के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए ये ‘सुधार’ पेश किए हैं।

यूपीएससी के अध्यक्ष अजय कुमार ने कहा, “यह पहल उम्मीदवारों के साथ अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के आयोग के निरंतर प्रयास को दर्शाती है। यह परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सहभागी भी बनाएगा, साथ ही इसकी पवित्रता, निष्ठा और योग्यता-आधारित ढांचे को भी बनाए रखेगा।”

बता दें कि यूपीएससी विभिन्न सेवाओं के लिए प्रथम श्रेणी के अधिकारियों का चयन करने हेतु प्रति वर्ष तीन चरणों में सिविल सेवा परीक्षाओं का आयोजन करता है, जिनमें प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार शामिल होते हैं। यूपीएससी सीएसई के माध्यम से हर साल भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस), भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) और अन्य सेवाओं के लिए योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाता है।

इस वर्ष, सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 24 मई को निर्धारित है। नए दिशानिर्देशों के अनुसार, उम्मीदवार 31 मई तक एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल, यानी ‘ऑनलाइन प्रश्न पत्र अभ्यावेदन पोर्टल (क्यूपीआरईपी)’ के माध्यम से अपनी आपत्तियां उठा सकते हैं और अपने अभ्यावेदन जमा कर सकते हैं।

वे अपनी समझ के अनुसार सही उत्तर कुंजी का संकेत देते हुए, एक संक्षिप्त विवरण और तीन प्रामाणिक स्रोतों से सहायक दस्तावेजों के साथ अपने अभ्यावेदन जमा कर सकते हैं।

यूपीएससी ने आगे कहा, “आपत्तियों की समीक्षा संबंधित विषयों में विशेषज्ञता रखने वाले विषय विशेषज्ञों द्वारा की जाएगी। विशेषज्ञ पैनल प्रत्येक अभ्यावेदन का मूल्यांकन करेंगे, सहायक दस्तावेजों को सत्यापित करेंगे और अंतिम उत्तर कुंजी प्रकाशित होने से पहले उत्तरों की सत्यता पर निर्णय लेंगे।”

–आईएएनएस

डीके/एबीएम


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