उत्तर कोरिया के मिसाइल प्रक्षेपण पर अमेरिका की प्रतिक्रिया, सहयोगियों को सुरक्षा का दिया आश्वासन

वॉशिंगटन, 6 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिकी सेना ने क्षेत्र में अपने सहयोगी देशों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि उसे उत्तर कोरिया की ओर से किए गए बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण की जानकारी है। उत्तर कोरिया की ओर से पूर्वी सागर की ओर एक कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल दागे जाने के कुछ घंटों बाद अमेरिकी पैसिफिक कमांड ने यह बयान जारी किया।
यह प्रक्षेपण दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच होने वाले बड़े संयुक्त सैन्य अभ्यास से पहले हुआ है, जिसे उत्तर कोरिया लंबे समय से संभावित आक्रमण की तैयारी बताता रहा है।
योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार, कमांड ने अपनी वेबसाइट पर जारी बयान में कहा, “हमें मिसाइल प्रक्षेपण की जानकारी है और हम अपने सहयोगियों तथा भागीदार देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं।”
बयान में कहा गया, “मौजूदा आकलन के आधार पर यह घटना अमेरिकी कर्मियों, अमेरिकी क्षेत्र या हमारे सहयोगी देशों के लिए तत्काल कोई खतरा नहीं है। अमेरिका अपने देश और क्षेत्र में अपने सहयोगियों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
उत्तर कोरिया ने इससे पहले 25 जून को एक सामरिक बैलिस्टिक मिसाइल, नए मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर और अन्य हथियारों का परीक्षण किया था।
दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (जेसीएस) के अनुसार, मिसाइल को उत्तर कोरिया के पूर्वी तटीय शहर वोनसान क्षेत्र से शाम करीब 5 बजे दागा गया। हालांकि, मिसाइल के बारे में अधिक जानकारी नहीं दी गई।
जेसीएस ने कहा, “संभावित अतिरिक्त प्रक्षेपणों पर नजर रखने और निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ हमारी सेना पूरी तरह सतर्क और तैयार है। हम अमेरिका और जापान के साथ संबंधित जानकारी भी लगातार साझा कर रहे हैं।”
जेसीएस ने बताया कि दक्षिण कोरिया और अमेरिका मिलकर दागी गई मिसाइल की तकनीकी विशेषताओं का विश्लेषण कर रहे हैं। दोनों देशों ने प्रक्षेपण की शुरुआती तैयारी के चरण से ही उत्तर कोरिया की गतिविधियों का पता लगाकर जानकारी साझा की थी।
गुरुवार का यह प्रक्षेपण दक्षिण कोरिया और अमेरिका के वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘उल्ची फ्रीडम शील्ड’ से पहले हुआ है, जो इस महीने के अंत में आयोजित होने की संभावना है।
इस घटना के बाद दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय के राष्ट्रीय सुरक्षा विभाग ने तुरंत एक बैठक बुलाई। इसमें रक्षा मंत्रालय और जेसीएस के अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों को सतर्क रहने, उचित जवाबी तैयारी बनाए रखने और इस प्रक्षेपण का दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन करने के निर्देश दिए गए।
राष्ट्रपति कार्यालय ने उत्तर कोरिया के बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन बताते हुए इसे एक उकसावे वाली कार्रवाई कहा और इसे तुरंत रोकने की मांग की।
–आईएएनएस
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