जम्मू-कश्मीर : सोपोर में 'म्यूल अकाउंट्स' पर पुलिस का बड़ा एक्शन, एफआईआर दर्ज


श्रीनगर, 1 जुलाई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के सोपोर सब-डिवीजन में पुलिस ने बुधवार को उन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जो ‘म्यूल अकाउंट्स’ का इस्तेमाल करके साइबर धोखाधड़ी में मदद कर रहे थे।

अधिकारियों ने बताया कि सोपोर के साइबर पुलिस स्टेशन ने उन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जो ‘म्यूल बैंक अकाउंट’ का इस्तेमाल करके साइबर धोखाधड़ी में मदद कर रहे थे।

अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई साइबर वित्तीय अपराधों और उन नेटवर्क पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे तेज अभियान का हिस्सा है, जो धोखेबाजों को तीसरे पक्ष के बैंक खातों के जरिए गैर-कानूनी तरीके से हासिल किए गए पैसे को इधर-उधर करने या छिपाने में मदद करते हैं।

अधिकारी ने लोगों से अपील की कि वे अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेक बुक, इंटरनेट बैंकिंग क्रेडेंशियल, यूपीआई आईडी, ओटीपी या कोई अन्य डिजिटल बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा करने पर, अगर उनके खातों का इस्तेमाल धोखाधड़ी वाले लेन-देन के लिए किया जाता है, तो वे आपराधिक कार्रवाई के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।

पुलिस ने जनता से सतर्क रहने और दूसरों को अपने बैंक खातों का इस्तेमाल करने देने के बदले आसान पैसे या कमीशन के लालच में न आने की भी अपील की है।

बता दें कि ‘मनी म्यूल’ वह व्यक्ति होता है, जो अनजाने में किसी वित्तीय अपराध में शामिल हो जाता है। वह धोखेबाजों को चोरी के या गैर-कानूनी पैसे को इधर-उधर करने के लिए अपने बैंक खाते का इस्तेमाल करने देता है।

ऐसे ज्यादातर मामलों में स्कैमर नियोक्ता, परिचित या ऑनलाइन संपर्क बनकर आते हैं और पैसे ‘प्राप्त करने और आगे भेजने’ के बदले आसान कमीशन का वादा करते हैं।

म्यूल खाताधारकों को जान-बूझकर या अनजाने में शामिल किया जा सकता है। कुछ मामलों में लोगों, जिन्हें अक्सर ‘मनी म्यूल’ कहा जाता है, को नौकरी के घोटालों, फिशिंग ईमेल या सोशल मीडिया संदेशों के जरिए धोखा दिया जाता है। इन संदेशों में बैंक विवरण साझा करने के बदले जल्दी कमाई का लालच दिया जाता है।

–आईएएनएस

डीके/एबीएम


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