तमिल फिल्म निर्देशक के. भाग्यराज का निधन, डायरेक्टर एम. राजेश ने जताया दुख


चेन्नई, 27 जून (आईएएनएस)। बेहतरीन पटकथा लेखकों में से एक और मशहूर तमिल फिल्म निर्देशक व अभिनेता कृष्णस्वामी भाग्यराज (के. भाग्यराज) का शनिवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। डायरेक्टर एम. राजेश ने के. भाग्यराज के निधन पर दुख जताया।

उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “भगवान आपकी आत्मा को शांति दे, दिग्गज के. भाग्यराज सर। आपकी कहानी कहने की कला, ह्यूमर और सदाबहार पटकथाओं ने लेखकों और निर्देशकों की कई पीढ़ियों को प्रेरित किया है। आपकी विरासत आपकी यादगार फिल्मों और उन अनगिनत फिल्म निर्माताओं के माध्यम से जीवित रहेगी जिन्हें आपने प्रभावित किया है। शांति से आराम करें, सर।”

7 जनवरी 1953 को तमिलनाडु में जन्मे कृष्णस्वामी भाग्यराज ने 75 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। उनकी कई फिल्में सुपरहिट रहीं। वे अपनी स्क्रिप्ट राइटिंग और निर्देशन क्षमताओं के लिए मशहूर थे। सामाजिक मुद्दों पर अपनी बात कहने के लिए के. भाग्यराज बेहतरीन ह्यूमर का इस्तेमाल करते थे। उन्होंने ऐसी मनोरंजक फिल्में बनाईं जो हर वर्ग के लोगों को पसंद आईं।

उनकी कई फिल्में जैसे ‘अंधा 7 नाटकाल’ (जिसका हिंदी में ‘वो सात दिन’ के नाम से रीमेक बना), ‘मुंधानई मुदिचू,’ ‘थूरल निन्नु पोचु,’ ‘डार्लिंग डार्लिंग डार्लिंग,’ ‘इधु नम्मा आलू,’ ‘इंद्रु पोई नालई वा,’ ‘मौना गीथांगल’ और ‘रुद्र’ सुपरहिट रहीं। उनकी कई फिल्मों को हिंदी, कन्नड़, तेलुगु और ओड़िया सहित कई अन्य भाषाओं में डब या रीमेक किया गया।

एक बेहतरीन लेखक के साथ-साथ भाग्यराज कमाल के अभिनेता भी थे। उन्होंने कई फिल्मों में मुख्य भूमिका निभाई। उन्होंने कई दिलचस्प कहानियां लिखीं, जिनमें ‘ओरु कैधियिन डायरी’ की कहानी भी शामिल है। इस फिल्म का निर्देशन उनके गुरु भरथिराजा ने किया था और इसमें कमल हासन ने मुख्य भूमिका निभाई थी।

इस फिल्म का हिंदी में ‘आखिरी रास्ता’ के नाम से रीमेक बना, जिसमें अमिताभ बच्चन मुख्य भूमिका में थे और इसका निर्देशन खुद के. भाग्यराज ने किया था।

–आईएएनएस

एसडी/वीसी


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