शान ने 'रिमझिम गिरे सावन' गाकर दी आर.डी. बर्मन की 87वीं जयंती पर श्रद्धांजलि

मुंबई, 27 जून (आईएएनएस)। मशहूर प्लेबैक सिंगर शान ने दिग्गज संगीतकार आर.डी. बर्मन की 87वीं जयंती पर सदाबहार क्लासिक गाना ‘रिमझिम गिरे सावन’ गाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
शान ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्हें अपने घर के बाड़े में पीले रंग की टी-शर्ट पहने और मॉनसून के मौसम का मजा लेते हुए देखा गया।
इसके बाद अभिनेता ने दिवंगत संगीतकार की मशहूर धुन को प्रस्तुत किया।
सिंगर ने वीडियो की शुरुआत में कहा, “मौसम बहुत खूबसूरत है और इसमें एक हल्की-सी उदासी भी है। मानसून का मौसम है और पंचम दा की जयंती पर यह मेरी ओर से एक छोटी-सी श्रद्धांजलि है।” इसके बाद उन्होंने ‘रिमझिम गिरे सावन’ गीत को बेहद भावपूर्ण अंदाज में गाया।
‘रिमझिम गिरे सावन’ की बात करें, तो यह गाना 1979 में आई अमिताभ बच्चन और मौसमी चटर्जी की फिल्म ‘मंजिल’ का है।
इस सदाबहार गाने को आर.डी. बर्मन ने कंपोज़ किया था। इसे किशोर कुमार और लता मंगेशकर के गाए दो लोकप्रिय वर्जन ने अमर बना दिया। आज भी इसे हिंदी सिनेमा के मॉनसून से जुड़े सबसे बेहतरीन गानों में से एक माना जाता है।
‘पंचम दा’ के नाम से मशहूर राहुल देव बर्मन ने भारतीय धुनों को जैज़, रॉक और लैटिन संगीत जैसे पश्चिमी संगीत के साथ बेहतरीन ढंग से मिलाकर हिंदी फिल्म संगीत में क्रांति ला दी थी, जिसके लिए वे बेहद लोकप्रिय थे।
भारतीय फ़िल्म इंडस्ट्री में लगभग तीन दशकों के करियर के दौरान उन्होंने 300 से ज़्यादा फिल्मों के लिए संगीत तैयार किया।
उन्होंने ‘चुरा लिया है तुमने’, ‘महबूबा महबूबा’, ‘दम मारो दम’, ‘ये शाम मस्तानी’, ‘मुसाफिर हूं यारों’ और ‘तेरे बिना जिंदगी से’ सहित कई अन्य कालजयी रचनाएं दी।
27 जून 1939 को कोलकाता में जन्मे आर.डी. बर्मन, मशहूर संगीतकार सचिन देव बर्मन और गीतकार मीरा देव बर्मन के बेटे थे। एस.डी. बर्मन भी भारतीय सिनेमा के सबसे महान संगीत निर्देशकों में से एक थे। वे ‘गाइड’, ‘प्यासा’, ‘बंदिनी’, ‘ज्वेल थीफ’ और ‘आराधना’ जैसी फिल्मों में यादगार संगीत देने के लिए जाने जाते हैं।
आर.डी. बर्मन का निधन 4 जनवरी 1994 को 54 साल की उम्र में हुआ।
–आईएएनएस
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