दक्षिण कोरिया: बैलेट पेपर मामले की तहकीकात कर रहा जांच दल निर्वाचन अधिकारियों से करेगा पूछताछ

सोल, 14 जून (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया में स्थानीय चुनावों के दौरान मतपत्रों की कमी मामले को लेकर विरोध जोरों पर है। विपक्ष और प्रदर्शनकारी सत्ता पक्ष से सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर 3 जून को हुए चुनावों के दौरान मतदान पत्रों की कमी क्यों हुई। अब कानूनी सूत्रों ने बताया है कि, पुलिस जांचकर्ताओं और अभियोजकों की एक संयुक्त टीम जल्द ही चुनाव निगरानी संस्था के अधिकारियों से पूछताछ करेगी।
यह कदम उस विवाद के बाद उठाया गया है जिसमें देश की राष्ट्रीय निर्वाचन आयोग (एनईसी) पर गंभीर आलोचना हुई थी। चुनाव के दौरान 26 मतदान केंद्रों, जिनमें अधिकांश सोल में थे, पर मतदान कुछ समय के लिए रोकना पड़ा था।
योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, जांच दल ने शनिवार को नेशनल इलेक्शन कमिशन (एनईसी) के सर्वरों की तलाशी और जब्ती पूरी की, ताकि आंतरिक संदेशों और अन्य रिकॉर्ड्स को सुरक्षित किया जा सके। यह कार्रवाई मतदान पत्रों की कमी के कारणों की जांच के हिस्से के रूप में की गई।
इसके बाद टीम उन अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाने की योजना बना रही है जो प्रभावित क्षेत्रों में तैनात थे, और बाद में वरिष्ठ अधिकारियों, यहां तक कि पूर्व प्रमुख तक को तलब किया जाएगा, जिन्होंने इस घटना के बाद इस्तीफा दे दिया था।
जांच का मुख्य फोकस यह है कि क्या चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बैलेट पेपर की छपाई में अनुचित प्रभाव डाला और कमी की स्थिति से निपटने में उनकी प्रतिक्रिया कैसी रही। दक्षिण कोरिया के चुनाव कानून के तहत, सरकारी कर्मचारियों को अपने पद का दुरुपयोग कर चुनाव प्रक्रिया पर अनुचित प्रभाव डालने से प्रतिबंधित किया गया है।
गुरुवार को जांच दल ने सात स्थानों पर छापेमारी की थी, जिनमें चुनाव आयोग का मुख्यालय भी शामिल था।
इसी बीच, सोल के जमसिल क्षेत्र में स्थित एक वोट काउंटिंग साइट के बाहर चुनाव दोबारा कराने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन लगातार 10वें दिन भी जारी रहे। रविवार सुबह 10 बजे तक लगभग 600 लोग एसके ओलंपिक हैंडबॉल जिमेनेजियम के आसपास इकट्ठा हुए, जबकि एक दिन पहले रात में लगभग 19,000 लोग जुटे थे।
पुलिस के अनुसार, यह प्रदर्शन बिना किसी औपचारिक संगठन के स्वतःस्फूर्त रूप से हो रहा है, इसलिए इसे नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा है। अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे जांच में प्रगति होगी, प्रदर्शनकारी धीरे-धीरे शांत हो सकते हैं।
प्रदर्शनकारियों ने स्टेडियम के प्रवेश द्वारों को अवरुद्ध कर दिया है, जिससे वहां स्थित खेल संगठनों का कामकाज प्रभावित हो रहा है। इन संगठनों ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदर्शनकारियों से परिसर खाली करने की अपील करने की योजना बनाई है।
–आईएएनएस
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