प्लास्टिक मुद्रा नोटों पर विचार कर रहा आरबीआई, अभी कोई अंतिम फैसला नहीं: गवर्नर संजय मल्होत्रा

नई दिल्ली, 6 जून (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) पॉलिमर यानी प्लास्टिक मुद्रा नोटों को शुरू करने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है, लेकिन इस संबंध में अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। यह जानकारी आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने दी।
मल्होत्रा ने कहा कि यह प्रस्ताव अभी विचाराधीन है और फिलहाल शुरुआती चरण में है।
उन्होंने कहा कि जहां तक पॉलिमर नोटों का सवाल है, यह प्रस्ताव विचाराधीन है। जैसे ही इस पर कोई फैसला लिया जाएगा, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
संजय मल्होत्रा ने स्वीकार किया कि हाल में पॉलिमर नोटों को लेकर जो खबरें सामने आई हैं, उनमें कुछ सच्चाई है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्रीय बैंक अभी तक किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा है।
उन्होंने कहा, “हम इसके फायदे और नुकसान दोनों का अध्ययन कर रहे हैं और यह भी देख रहे हैं कि इसे लागू करना कितना लाभदायक होगा। फिलहाल यह प्रक्रिया शुरुआती स्तर पर है।”
आरबीआई गवर्नर ने बताया कि केंद्रीय बैंक फिलहाल पॉलिमर मुद्रा के संभावित लाभों और उससे जुड़ी चुनौतियों का मूल्यांकन कर रहा है। इसके बाद ही यह तय किया जाएगा कि देश में प्लास्टिक नोटों को लागू किया जाए या नहीं।
इस दौरान आरबीआई गवर्नर ने यह भी भरोसा दिलाया कि बैंकिंग प्रणाली में पर्याप्त मात्रा में नकदी उपलब्ध है और यदि किसी क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर नकदी की कमी होती है तो केंद्रीय बैंक तुरंत आवश्यक कदम उठाएगा।
उन्होंने कहा, “अगर कहीं नकदी की कमी होती है तो हम निश्चित रूप से उस कमी को पूरा करेंगे।”
मल्होत्रा ने कहा कि एटीएम और बैंक शाखाओं के लिए पर्याप्त मुद्रा भंडार उपलब्ध है। जहां भी जरूरत होगी, वहां तेजी से नकदी पहुंचाने का काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “हमारा पूरा प्रयास रहेगा कि यदि किसी एक-दो स्थानों पर एटीएम में नकदी की कमी होती है, तो वहां तुरंत और तेज गति से मुद्रा पहुंचाई जाए।”
आरबीआई गवर्नर की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब केंद्रीय बैंक पॉलिमर नोटों की व्यवहार्यता की समीक्षा कर रहा है। हालांकि आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल पूरे बैंकिंग तंत्र में नकदी की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है और आम लोगों को नकदी की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
–आईएएनएस
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