5 जून का पंचांग: पुरुषोत्तम मास के 20वें दिन अभिजीत मुहूर्त के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग, नोट कर लें राहुकाल


नई दिल्ली, 4 जून (आईएएनएस)। सनातन धर्म में भगवान विष्णु की आराधना को समर्पित पुरुषोत्तम मास या अधिक मास का खासा महत्व है। 5 जून (शुक्रवार) को पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) का 20वां दिन है। इस दिन कई शुभ संयोग बन रहे हैं। अधिक मास को मल मास या लोंद मास भी कहते हैं। यह लगभग हर तीन साल में आता है। इस मास में जप-तप और पूजा-पाठ का विशेष महत्व होता है।

धार्मिक मान्यता है कि इस माह में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा, मंत्र जाप और दान-पुण्य करना विशेष फलदायी होता है। पुरुषोत्तम मास में की गई साधना से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और पापों का नाश होता है।

5 जून को सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन रहेगा। साथ ही अभिजीत मुहूर्त भी उपलब्ध होगा, जो किसी भी शुभ कार्य के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 5 जून को पूरे दिन रहने के साथ 6 जून की दोपहर 1 बजकर 20 मिनट तक रहेगी। नक्षत्र श्रवण पूर्ण रात्रि तक रहेगा। करण कौलव शाम 12 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। वहीं, योग ब्रह्म सुबह 9 बजकर 43 मिनट तक रहेगा।

सूर्योदय 5 बजकर 23 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 7 बजकर 16 मिनट पर होगा। वहीं, चंद्रोदय रात 11 बजकर 19 मिनट पर और चंद्रास्त अगले दिन (6 जून) 9 बजकर 15 मिनट पर होगा।

शुक्रवार के शुभ मुहूर्त और योग की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 2 मिनट से 4 बजकर 43 मिनट तक, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 52 मिनट से दोपहर 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 39 मिनट से 3 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। वहीं, गोधूलि मुहूर्त शाम 7 बजकर 15 मिनट से 7 बजकर 35 मिनट तक, अमृत काल शाम 6 बजकर 38 मिनट से 8 बजकर 23 मिनट तक और निशिता मुहूर्त रात 11 बजकर 59 मिनट से देर रात 12 बजकर 40 मिनट तक रहेगा।

अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल सुबह 10 बजकर 36 मिनट से दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक, यमगंड दोपहर 3 बजकर 48 मिनट से शाम 5 बजकर 32 मिनट तक, गुलिक काल सुबह 7 बजकर 7 मिनट से 8 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा, दुर्मुहूर्त सुबह 8 बजकर 10 मिनट से 9 बजकर 5 मिनट तक और वर्ज्य सुबह 8 बजकर 5 मिनट से 9 बजकर 50 मिनट तक रहेगा।

–आईएएनएस

एमटी/पीएम


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