ट्रंप ने कृषि और औद्योगिक उपकरणों पर टैरिफ में बदलाव किया


वॉशिंगटन, 3 जून (आईएएनएस)। व्हाइट हाउस की जानकारी के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नया आदेश साइन किया है, जिसके तहत कई कृषि और औद्योगिक उपकरणों पर लगे टैरिफ को कम किया गया है, साथ ही अमेरिकी निर्मित इस्पात, एल्युमीनियम और तांबे के उपयोग को प्रोत्साहित करने वाले निर्माताओं के लिए प्रोत्साहन को भी कड़ा किया है।

यह बदलाव पहले से लागू सेक्शन 232 टैरिफ में किया गया है, जिसे सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा और घरेलू धातु उद्योग को मजबूत करने के लिए जरूरी मानती है।

नए आदेश के अनुसार, कृषि उपकरण जैसे कि हार्वेस्टर और कंबाइन मशीनों पर लगने वाला 25 प्रत‍िशत टैरिफ घटाकर 15 प्रत‍िशत कर दिया गया है। यह राहत 31 दिसंबर 2027 तक लागू रहेगी। सरकार का कहना है कि इसका मकसद उन सेक्टरों की मदद करना है जो इन मशीनों पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं, साथ ही अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग में निवेश बढ़ाना भी है।

इसके अलावा, कुछ और औद्योगिक उत्पादों को भी 15 प्रत‍िशत वाली कम टैरिफ दर में शामिल किया गया है। अब बुलडोजर और फोर्कलिफ्ट जैसे मोबाइल औद्योगिक उपकरण, अगर वे ऐसे देशों से आते हैं जिनके साथ अमेरिका का व्यापार समझौता है, तो उन पर भी कम शुल्क लगेगा।

व्हाइट हाउस के अनुसार, यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े खतरों से बेहतर तरीके से निपटा जा सके और अमेरिका के कृषि, हाउसिंग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश बढ़े।

ट्रंप ने यह भी नियम बदला है कि अब किसी प्रोडक्ट में अमेरिकी स्टील, एल्युमिनियम या कॉपर कितना होना चाहिए ताकि उसे टैक्स में छूट मिल सके। पहले यह सीमा 95 प्रत‍िशत थी, जिसे अब घटाकर 85 प्रत‍िशत कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब थोड़ा कम अमेरिकी मेटल इस्तेमाल होने पर भी कंपनियों को फायदा मिल सकता है।

इसके साथ ही कुछ नए प्रोडक्ट जैसे एल्युमिनियम लिथोग्राफिक प्लेट्स और स्टील रैक्स को भी उन चीजों की लिस्ट में जोड़ दिया गया है जिन पर टैरिफ लगेगा। सरकार का कहना है कि इससे कंपनियां नियमों को तोड़कर बच नहीं पाएंगी और मौजूदा टैरिफ सिस्टम मजबूत रहेगा।

व्हाइट हाउस ने कहा कि ये बदलाव अमेरिकी उद्योगों को सपोर्ट करने और रणनीतिक सेक्टरों की सुरक्षा के लिए किए गए हैं। सरकार का यह भी कहना है कि किसानों को खेती के लिए मशीनों की जरूरत होती है, कंस्ट्रक्शन सेक्टर देश के विकास के लिए जरूरी है और फैक्ट्रियों के लिए मटेरियल हैंडलिंग मशीनें बहुत अहम हैं।

सरकार ने यह भी बताया कि अमेरिका में स्टील उत्पादन बढ़ रहा है और 2025 में अमेरिका दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टील उत्पादक बन गया है। अगले दो सालों में नई स्टील बनाने की क्षमता भी बढ़ने वाली है, जिसके लिए कई नई फैक्ट्रियां और निवेश वेस्ट वर्जीनिया, अरकंसास और साउथ कैरोलिना जैसे राज्यों में हो रहे हैं।

एल्युमिनियम और कॉपर सेक्टर में भी नए निवेश की बात कही गई है। उदाहरण के तौर पर, सेंटरी एल्युमिनियम और एमिरेट्स ग्लोबल एल्युमिनियम मिलकर ओक्लाहोमा में एक नया एल्युमिनियम प्लांट बना रहे हैं। इसके अलावा हाईलैंड कॉपर, इवानहो इलेक्ट्रिक, रियो टिंटो और वीलैंड जैसी कंपनियां भी अपने प्रोजेक्ट्स बढ़ा रही हैं।

–आईएएनएस

एवाई/एएस


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