रूसी कच्चे तेल पर ट्रंप प्रशासन का यू-टर्न, समुद्री सप्लाई के लिए फिर बढ़ाई प्रतिबंधों में छूट


वॉशिंगटन, 18 मई (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने अपने पहले के फैसले से यू-टर्न लेते हुए समुद्र में फंसे रूसी कच्चे तेल की खरीद पर प्रतिबंधों में दी गई छूट को फिर से बढ़ा दिया है। यह फैसला उस छूट की अवधि समाप्त होने के दो दिन बाद आया है, जो 16 मई 2026 को खत्म हो गई थी।

ट्रंप प्रशासन ने मार्च 2026 की शुरुआत में बढ़ती वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से रूसी क्रूड ऑयल पर लगे कुछ प्रतिबंधों में अस्थायी राहत दी थी।

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि अमेरिकी ट्रेजरी विभाग 30 दिनों के लिए अस्थायी जनरल लाइसेंस जारी कर रहा है, ताकि ऊर्जा संकट से जूझ रहे कमजोर देशों को समुद्र में फंसे रूसी तेल तक अस्थायी पहुंच मिल सके।

उन्होंने कहा कि इस विस्तार से संबंधित देशों को अतिरिक्त लचीलापन मिलेगा और जरूरत पड़ने पर विशेष लाइसेंस भी जारी किए जाएंगे। उनके मुताबिक, यह कदम वैश्विक कच्चे तेल बाजार को स्थिर करने और ऊर्जा के लिहाज से सबसे कमजोर देशों तक तेल पहुंच सुनिश्चित करने में मदद करेगा।

स्कॉट बेसेंट ने यह भी कहा कि इससे मौजूदा तेल सप्लाई को जरूरतमंद देशों की ओर मोड़ने में सहायता मिलेगी और चीन की सस्ते रूसी तेल के बड़े पैमाने पर भंडारण की क्षमता भी सीमित होगी।

इधर, भारत सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि वह अपनी ऊर्जा सुरक्षा और व्यावसायिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रूस से कच्चे तेल का आयात जारी रखेगा। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने सोमवार को कहा कि भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और आयात का फैसला व्यावसायिक व्यवहार्यता के आधार पर लिया जाएगा, चाहे अमेरिकी प्रतिबंधों में छूट हो या नहीं।

–आईएएनएस

डीएससी


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