तेहरान को राष्ट्रपति ट्रंप की नई चेतावनी के बाद अमेरिका-ईरान के बीच और गहरा गया तनाव


वाशिंगटन, 18 मई (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात के बाद ईरान को नई चेतावनी दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए हैं। इस वजह से दोनों देशों के बीच तनाव और गहराता नजर आ रहा है।

ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया पर लिखा, “ईरान के लिए, समय निकलता जा रहा है और उन्हें तेजी से आगे बढ़ना चाहिए, वरना उनके पास कुछ भी नहीं बचेगा। समय बहुत कीमती है!”

अमेरिकी मीडिया सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने वरिष्ठ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों से ईरान युद्ध में आगे के रास्ते पर चर्चा करने के लिए मुलाकात की और इस हफ्ते की शुरुआत में एक और मीटिंग करने की उम्मीद थी।

फॉक्स न्यूज डिजिटल ने बताया कि ट्रंप मंगलवार को शीर्ष सलाहकारों के साथ ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य विक्लपों को लेकर चर्चा करने के लिए एक सिचुएशन रूम मीटिंग बुला सकते हैं।

यह नई चेतावनी व्हाइट हाउस में रुकी हुई कूटनीतिक बातचीत और होर्मुज स्ट्रेट के लगातार बंद होने को लेकर बढ़ती निराशा के बीच आई है, जो दुनिया भर में तेल भेजने का एक जरूरी रास्ता है।

सीएनएन ने बताया कि ट्रंप तेहरान के बातचीत के तरीके से बहुत ज्यादा बेसब्र हो गए थे और होर्मुज स्ट्रेट के लगातार बंद होने और दुनिया भर में तेल की कीमतों पर इसके प्रभाव से निराश थे।

इस बीच, ईरान ने इशारा किया है कि वह अभी भी बातचीत कर रहा है। फॉक्स न्यूज डिजिटल ने ईरानी सरकारी मीडिया का हवाला देते हुए बताया कि तेहरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए वाशिंगटन को एक नया 14-पॉइंट प्लान भेजा है।

तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, प्रस्ताव में लड़ाई खत्म करने पर फोकस था और इसमें अमेरिकी तरफ से भरोसा बढ़ाने वाले कदम शामिल थे। हालांकि, फॉक्स न्यूज डिजिटल ने बताया कि प्रस्ताव में ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम के बारे में छूट का जिक्र नहीं था।

फॉक्स न्यूज डिजिटल की रिपोर्ट में कहा गया, “यह टकराव ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम और हथियारों की महत्वाकांक्षाओं पर केंद्रित है।” ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने माना कि हाल के अमेरिकी हमलों से देश को नुकसान हुआ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तेहरान दबाव में आत्मसमर्पण नहीं करेगा।

फॉक्स न्यूज डिजिटल के मुताबिक, ईरान की सरकार सूचना परिषद की एक टेलीविजन मीटिंग के दौरान पेजेश्कियन ने कहा, “ऐसा नहीं है कि हमें नुकसान नहीं हुआ है। गुमराह करने वाली जानकारी, गलत मैसेज या ऐसी सच्चाई दिखाना जिसमें ‘वे कमजोर हो रहे हैं जबकि हम तरक्की कर रहे हैं’ मंजूर नहीं है।”

साथ ही, पेजेश्कियन ने इस बात पर जोर दिया कि ईरान दबाव के आगे नहीं झुकेगा और कहा, “हम आराम या सुविधा के लिए अपने देश की इज्जत और सम्मान को कुर्बान नहीं करेंगे। हमारे पास सही कारण और साफ वजहें हैं और हम अपने लोगों के समर्थन से, मजबूती से अपने देश के अधिकारों की रक्षा करने में पूरी तरह काबिल हैं।”

फॉक्स न्यूज डिजिटल के अनुसार, इजरायली डिफेंस फोर्स के मुताबिक, इजरायल ने पिछले 24 घंटों में लेबनान में दर्जनों हमले किए। वहीं, दूसरी तरफ, यूएई ने अपने बराक न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हुए हमले की निंदा की।

फॉक्स न्यूज डिजिटल ने अब्राहम अकॉर्ड्स फ्रेमवर्क के अंदर बढ़ते तनाव की भी रिपोर्ट दी, यह अमेरिका-समर्थित इलाकाई ग्रुप ईरान का मुकाबला करने के लिए बनाया गया था।

भारत में इस नए संकट पर करीब से नजर रखी जा रही है क्योंकि इसका सीधा असर ऊर्जा सुरक्षा और इलाके की स्थिरता पर पड़ रहा है। भारत अपने कच्चे तेल का एक बड़ा हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट के जरिए इंपोर्ट करता है, जिससे खाड़ी में रुकावटें नई दिल्ली में नीति बनाने वालों और मार्केट के लिए एक बड़ी चिंता बन गई हैं।

इस बीच अमेरिकी मीडिया पर फिर से निशाना साधते हुए ट्रूथ सोशल पर ताजा पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा, “अगर ईरान सरेंडर कर दे, अपनी नेवी और एयरफोर्स के खत्म होने की बात मान ले, अगर उनकी सेना आत्मसमर्पण कर दे और चिल्लाते हुए इसका ऐलान करे, और अमेरिका के झंडे को हाथ में लेकर ईरान की बची हुई लीडरशिप समझौते पर साइन कर दे, तब हम आगे का फैसला लेंगे। इसके बावजूद, न्यूयॉर्क टाइम्स, द चाइना स्ट्रीट जर्नल और भ्रष्ट सीएनएन के साथ ही फेक न्यूज मीडिया को भी इसमें अमेरिका की हार और ईरान की जीत दिखेगी। ये मीडिया और इसके समर्थक पूरी तरह रास्ता भटक गए हैं।”

–आईएएनएस

केके/डीएससी


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