वैश्विक अस्थिरता के बीच कर्नाटक ने मानसून की फसलों के लिए उर्वरक की कमी की चेतावनी दी

बेंगलुरु, 18 मई (आईएएनएस)। कर्नाटक कृषि मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष यूरिया उर्वरक का प्रारंभिक भंडार काफी कम है। मंत्रालय ने बताया कि 2023 में प्रारंभिक भंडार 3.91 लाख मीट्रिक टन, 2024 में 5.41 लाख मीट्रिक टन और 2025 में 3.46 लाख मीट्रिक टन था। हालांकि, चालू वर्ष में केवल 2.80 लाख मीट्रिक टन ही उपलब्ध है।
कृषि मंत्री ने सोमवार को कहा कि मध्य पूर्व में चल रहे संकट के कारण वैश्विक स्तर पर उर्वरकों और उर्वरक उत्पादन के लिए आवश्यक कच्चे माल, जैसे अमोनिया, द्रवीकृत प्राकृतिक गैस, फॉस्फोरिक एसिड और सल्फ्यूरिक एसिड के आयात में अस्थिरता उत्पन्न हो गई है। इसके परिणामस्वरूप, राज्य में 2026 के मानसून सीजन के दौरान उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित होने की संभावना है, जिससे कर्नाटक भर में उर्वरकों की उपलब्धता बाधित हो सकती है।
उन्होंने आगे कहा कि इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार द्वारा यूरिया और डायमोनियम फॉस्फेट उर्वरकों की आपूर्ति मांग के अनुपात में नहीं की गई है। इस कारण मानसून फसल सीजन के दौरान उर्वरकों की कमी होने की आशंका है। वर्तमान मानसून सीजन के लिए केंद्र सरकार ने विभिन्न श्रेणियों के कुल 30.05 लाख मीट्रिक टन उर्वरक आवंटित किए हैं। इसमें 11.10 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 4.00 लाख मीट्रिक टन डायअमोनियम फॉस्फेट, 2.12 लाख मीट्रिक टन म्यूरिएट ऑफ पोटाश, 11.88 लाख मीट्रिक टन कॉम्प्लेक्स उर्वरक और 0.95 लाख मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले उपलब्ध प्रारंभिक भंडार पर विचार किए बिना, मांग के अनुसार यूरिया सहित सभी उर्वरकों का आवंटन और आपूर्ति की थी। इसके परिणामस्वरूप, राज्य में फिलहाल किसी भी प्रकार के उर्वरक की कमी नहीं है। अप्रैल में विभिन्न श्रेणियों के उर्वरकों की 4.02 लाख मीट्रिक टन की मांग के मुकाबले, केंद्र सरकार ने केवल 2.54 लाख मीट्रिक टन की आपूर्ति की, जिसके परिणामस्वरूप 1.48 लाख मीट्रिक टन की कमी रह गई।
उन्होंने बताया कि मुख्य रूप से 0.38 लाख मीट्रिक टन डायअमोनियम फॉस्फेट और 0.14 लाख मीट्रिक टन यूरिया की कमी है।
इसी प्रकार, मई माह में अब तक विभिन्न ग्रेड के उर्वरकों की 4.54 लाख मीट्रिक टन की मांग के मुकाबले केंद्र सरकार ने केवल 1.77 लाख मीट्रिक टन की आपूर्ति की है, जबकि 2.77 लाख मीट्रिक टन की आपूर्ति अभी बाकी है। उन्होंने आगे बताया कि लंबित मात्रा में मुख्य रूप से 0.65 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 0.78 लाख मीट्रिक टन डायअमोनियम फॉस्फेट शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि अप्रैल से अब तक विभिन्न ग्रेड के उर्वरकों की कुल मांग 8.57 लाख मीट्रिक टन रही है। इसमें से केवल 4.31 लाख मीट्रिक टन की आपूर्ति हुई है, जबकि 4.25 लाख मीट्रिक टन अभी भी लंबित है।
–आईएएनएस
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