उत्तर प्रदेश: रामलीला मैदानों के कायाकल्प पर योगी सरकार का बड़ा दांव, 23 परियोजनाओं को मिली मंजूरी

लखनऊ, 15 मई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को नया स्वरूप देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य के विभिन्न जनपदों में रामलीला मैदानों के सुदृढ़ीकरण, सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों के लिए 23 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं के लिए पहली किस्त जारी कर दी गई है और निर्माण कार्यों की निविदा प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि सरकार का उद्देश्य केवल रामलीला मैदानों का निर्माण कराना नहीं, बल्कि उन्हें सांस्कृतिक आयोजनों के आधुनिक और आकर्षक केंद्र के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए हैं कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता और तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं। सरकार ने भदोही, लखनऊ, हरदोई, गोरखपुर, प्रतापगढ़, रामपुर, गाजियाबाद, फतेहपुर, गोंडा, उन्नाव, बिजनौर, हमीरपुर, फर्रुखाबाद और कुशीनगर समेत कई जिलों में करोड़ों रुपए की परियोजनाओं को स्वीकृति दी है।
गोरखपुर के खजनी स्थित रामलीला मैदान के विकास के लिए करीब 2.79 करोड़ रुपए, रामपुर के बिलासपुर रामलीला मैदान के लिए लगभग 2.99 करोड़ रुपए तथा गोंडा के महराज परमहंस बरियाडी स्थित रामलीला स्थल के सौंदर्यीकरण के लिए 3.39 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।
लखनऊ के ऐशबाग रामलीला मैदान के विकास, मोहनलालगंज क्षेत्र में कई गांवों के रामलीला मैदानों की बाउंड्रीवाल निर्माण तथा गोरखपुर की गीता वाटिका स्थित श्रीरामलीला मंच के पुनर्निर्माण जैसी परियोजनाएं भी इस योजना में शामिल हैं। वहीं फतेहपुर, उन्नाव और भदोही में ऐतिहासिक रामलीला स्थलों के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण पर विशेष जोर दिया गया है।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि सात जनपदों की परियोजनाओं की जिम्मेदारी सीएनडीएस संस्था को दी गई है, जबकि अन्य परियोजनाओं का कार्य यूपी प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड कराएगा। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से न सिर्फ धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को नई पहचान मिलेगी, बल्कि स्थानीय पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
— आईएएनएस
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