ईंधन की बचत और प्रदूषण घटाने के लिए एमएलएफएफ टोलिंग प्रणाली: नितिन गडकरी


नई दिल्ली, 11 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को कहा कि मल्टी-लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) टोलिंग प्रणाली की शुरुआत के साथ भारत विश्व स्तरीय राजमार्ग अवसंरचना की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इसका उद्देश्य पूरे देश में सुगम यात्रा सुनिश्चित करना, प्रदूषण कम करना और लॉजिस्टिक कॉस्ट को कम करना है।

मंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शहरी विस्तार सड़क-2 (यूईआर- 2) पर मुंडका-बक्करवाला में देश के पहले बैरियर-रहित टोल प्लाजा का उद्घाटन किया।

एमएलएफएफ प्रणाली एक संपर्क रहित और बैरियर-मुक्त टोल संग्रह तंत्र प्रस्तुत करती है, जो वाहनों को बिना रुके टोल प्लाजा से गुजरने की अनुमति देती है। इसमें फास्टैग आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह के साथ एकीकृत स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) तकनीक का उपयोग किया जाता है।

लॉन्च कार्यक्रम में बोलते हुए गडकरी ने कहा कि टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर्स और निजी हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद उन्नत अंतरराष्ट्रीय मानक प्रौद्योगिकी का उपयोग करके नई प्रणाली विकसित की गई है।

गडकरी ने कहा कि मल्टी-लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) टोलिंग प्रणाली की शुरुआत के साथ भारत विश्व स्तरीय राजमार्ग अवसंरचना की ओर तेजी से बढ़ रहा है, जो निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करेगा, प्रदूषण कम करेगा, लॉजिस्टिक कॉस्ट घटाएगा और पूरे देश में परिचालन दक्षता में सुधार करेगा।

उन्होंने कहा कि सरकार यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और सतत विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रौद्योगिकी आधारित सुधारों के माध्यम से राजमार्ग अवसंरचना को उन्नत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि एमएलएफएफ प्रणाली को उन्नत अंतरराष्ट्रीय मानक प्रौद्योगिकी का उपयोग करके विकसित किया गया है और इसके लिए टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर्स और निजी हितधारकों के साथ व्यापक परामर्श की आवश्यकता पड़ी।

गडकरी ने कहा कि सरकार सतत विकास और यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करते हुए राजमार्ग प्रौद्योगिकी को निरंतर उन्नत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

गडकरी के अनुसार, इस नई प्रणाली से प्रतिवर्ष लगभग 250 करोड़ लीटर ईंधन की बचत होने और लगभग 81,000 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आने की उम्मीद है, जिससे दिल्ली-एनसीआर जैसे प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों को विशेष रूप से लाभ होगा।

उन्होंने कहा कि बाधा रहित टोल प्रणाली से टोल प्लाजा पर प्रतीक्षा समय में काफी कमी आएगी, जिससे ईंधन की पर्याप्त बचत होगी और यात्रियों को सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा।

उन्होंने आगे कहा कि टोल वसूली की परिचालन लागत, जो पहले लगभग 15 प्रतिशत थी, एमएलएफएफ प्रणाली के तहत घटकर लगभग 3-4 प्रतिशत रह जाएगी।

उन्होंने बताया कि लागत में कमी से सालाना लगभग 5,000-6,000 करोड़ रुपए की बचत हो सकती है।

–आईएएनएस

एमएस/


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