ओडिया सिनेमा राज्य की सांस्कृतिक पहचान है, नई फिल्म नीति जल्द आएगी: मोहन चरण माझी

भुवनेश्वर, 26 जून (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को कहा कि ओडिया सिनेमा राज्य की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। उन्होंने दोहराया कि ओडिशा सरकार ओडिया फिल्म उद्योग के समग्र विकास को सुनिश्चित करने और कलाकारों को अधिक सुरक्षा और सहयोग प्रदान करने के लिए जल्द ही एक नई फिल्म नीति लाएगी।
भुवनेश्वर के लोक सेवा भवन में आयोजित 35वें और 36वें राज्य फिल्म पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए माझी ने कहा कि ओडिया सिनेमा राज्य की पहचान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सरकार फिल्म उद्योग के समग्र विकास और कलाकारों के कल्याण और संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही एक नई फिल्म नीति तैयार करेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार ने हाल ही में ओडिया फिल्म जगत के सदस्यों के साथ ओडिया सिनेमा की वर्तमान स्थिति और विकास पर सौहार्दपूर्ण चर्चा की और कलाकारों के कल्याण और गुणवत्तापूर्ण फिल्म निर्माण के लिए तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस संबंध में जल्द ही एक बड़ी घोषणा की जाएगी।
उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य जल्द ही कलाकारों के संरक्षण और उच्च गुणवत्ता वाली फिल्मों के निर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण घोषणाएं करेगा।
ओडिया सिनेमा की समृद्ध विरासत पर प्रकाश डालते हुए माझी ने याद दिलाया कि ओडिशा 1936 में एक अलग प्रांत बना, उसी वर्ष मोहन सुंदर देब गोस्वामी द्वारा निर्मित पहली ओडिया फीचर फिल्म, सीता बिबाहा, बनी थी। उन्होंने कहा कि माया मिरीगा, भुखा, शेषा श्राबना और हकीम बाबू जैसी क्लासिक फिल्मों ने वैश्विक मंच पर ओडिशा की संस्कृति का प्रदर्शन किया है।
उन्होंने कहा कि दमन, प्रतीक्षा, साला बुद्धा, पुष्करा, बौ बुट्टू भूता और बारा बधु जैसी हाल ही में समीक्षकों द्वारा प्रशंसित फिल्मों ने ओडिया सिनेमा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है, और इसे उद्योग के लिए एक नए सूर्योदय की शुरुआत बताया।
प्रौद्योगिकी और ओटीटी प्लेटफॉर्म के महत्व पर जोर देते हुए माझी ने कहा कि ओडिशा के युवा फिल्म निर्माताओं ने छायांकन, ध्वनि डिजाइन और दृश्य प्रभाव (वीएफएक्स) में विश्व स्तरीय कौशल का प्रदर्शन किया है।
–आईएएनएस
एमएस/