पीएम की ऊर्जा बचत की अपील पर सियासत तेज, ब्रजेश पाठक बोले-अखिलेश और राहुल की सोच नकारात्मक


लखनऊ, 11 मई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऊर्जा बचत की अपील पर सवाल उठाने को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित के मुद्दों पर भी विपक्ष की नकारात्मक राजनीति सामने आ रही है और दोनों नेताओं की हताशा व राजनीतिक कुंठा उनके बयानों में साफ झलक रही है।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव को अब समझ लेना चाहिए कि आप दोनों की मानसिकता ही नकारात्मक हो गई है। फिर चाहे मुद्दा राष्ट्रहित का ही क्यों न हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशहित में अपने राष्ट्र के प्रिय परिवारीजनों से कुछ समय के लिए सीमित संसाधनों का उपयोग करने की विनम्र अपील की तो नकारात्मक मानसिकता से ग्रसित आप दोनों नेताओं की राजनीतिक कुंठा, हताशा और निराशा बाहर आ गई। अनर्गल बयानबाजी शुरू कर दी। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जहां तक संभव हो, वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता दें। एक साल तक सोना खरीदने से बचें। पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए मेट्रो से सफर करें। पार्सल रेल से भेजें और कार का कम इस्तेमाल करें। खाने के तेल का भी कम उपयोग करें। रासायनिक खाद का इस्तेमाल आधा करें और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ें। विदेशी ब्रांडेड उत्पादों का उपयोग कम करें और स्वदेशी को अपनाएं एवं एक साल तक विदेशों की यात्रा कम करें। आइए, हम सब मिलकर तेल आयात पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा बचाने का संकल्प लें।

हफ्ते में एक दिन कारपूल करना हो या ईवी अपनाना, आपका हर छोटा कदम देशहित में बड़ा योगदान है। गैस चूल्हे की जगह इंडक्शन का उपयोग और घर पर सोलर पैनल लगाना एक बेहतरीन शुरुआत हो सकती है।

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने एक्स के जरिए भाजपा पर निशाना साधते हुए लिखा कि चुनाव खत्म होते ही ‘संकट’ याद आ गया। दरअसल देश के लिए ‘संकट’ सिर्फ एक है और उसका नाम है ‘भाजपा’। इतनी सारी पाबंदियां लगानी पड़ीं तो ‘पंच ट्रिलियन डॉलर की जुमलाई अर्थव्यवस्था’ कैसे बनेगी? लगता है भाजपा सरकार के हाथ से लगाम पूरी तरह छूट गई है। डॉलर आसमान छू रहा है और देश का रुपया पातालोन्मुखी हो गया है।

उन्होंने आगे कहा कि सोना न खरीदने की अपील जनता से नहीं, भाजपाइयों को अपने भ्रष्ट लोगों से करनी चाहिए, क्योंकि जनता तो वैसे भी 1.5 लाख तोले का सोना नहीं खरीद पा रही है। भाजपाई ही अपनी काली कमाई का स्वर्णीकरण करने में लगे हैं। हमारी बात गलत लग रही हो तो ‘लखनऊ से लेकर गोरखपुर’ तक पता कर लीजिए या ‘अहमदाबाद से लेकर गुवाहाटी’ तक। अखिलेश यादव ने तंजिया लहजे में कहा कि वैसे सारी पाबंदियां चुनाव के बाद ही क्यों याद आईं?

— आईएएनएस

विकेटी/वीसी


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