सिडनी आतंकी हमला : एंटीसेमिटिज्म जांच की पहली सार्वजनिक सुनवाई शुरू


सिडनी, 4 मई (आईएएनएस)। सिडनी के बॉन्डी बीच पर हुए घातक आतंकी हमले के बाद बनाई गई एंटीसेमिटिज्म (यहूदी विरोध) जांच की पहली सार्वजनिक सुनवाई सोमवार को शुरू कर दी गई है।

स‍िन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, रॉयल कमीशन ऑन एंटीसेमिटिज्म एंड सोशल कोहेशन की ओर से आयोजित यह सुनवाई का पहला चरण सिडनी में शुक्रवार तक चलेगा।

इस पहले चरण की अध्यक्षता कमिश्नर वर्जीनिया बेल कर रही हैं, जो पहले हाई कोर्ट की जज रह चुकी हैं। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया में एंटीसेमिटिज्म की स्थिति और उसका कितना असर है, इस पर चर्चा होगी। साथ ही कई लोग अपने व्यक्तिगत अनुभव भी साझा करेंगे।

दूसरे चरण की सुनवाई, जो मई के आखिर में होगी, उसमें बॉन्डी हमले से जुड़ी परिस्थितियों की जांच की जाएगी। तीसरे चरण में यह देखा जाएगा कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन नफरत के जरिए कैसे कट्टरपंथ बढ़ता है।

पिछले हफ्ते बेल ने कमीशन की अंतरिम रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें 14 सुझाव दिए गए थे। इनमें से पांच सुझाव राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक नहीं किए गए।

रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्र, राज्य और क्षेत्रीय सरकारों को एक जैसे हथियार कानून लागू करने और गैरकानूनी और अतिरिक्त हथियारों को हटाने के लिए गन बायबैक योजना को प्राथमिकता देनी चाहिए।

यह जांच जनवरी में प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने शुरू की थी, जब 14 दिसंबर 2025 को बॉन्डी बीच पर हनुक्का कार्यक्रम को निशाना बनाकर हुए हमले में 15 लोगों की मौत हो गई थी।

आरोपी बंदूकधारी नवीद अकरम पर हत्या और आतंकवाद से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह हमला इस्लामिक स्टेट की विचारधारा से प्रेरित था। उसके पिता और कथित साथी साजिद अकरम को मौके पर ही गोली मार दी गई थी।

यह रॉयल कमीशन हमले के पीछे की मंशा और उद्देश्य की जांच नहीं करेगा, ताकि चल रही कानूनी प्रक्रिया प्रभावित न हो। कमीशन अपनी अंतिम रिपोर्ट हमले की पहली बरसी तक पेश करेगा।

–आईएएनएस

एवाई/एबीएम


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