'महादेव' के रोल में टाइपकास्ट नहीं ये भूमिका मैं सोच-समझकर चुनता हूं: तरुण खन्ना

मुंबई, 4 मई (आईएएनएस)। महादेव के किरदार निभाकर लोकप्रिय होने वाले अभिनेता तरुण खन्ना ने अपने रोल को लेकर खुलकर बात की। महादेव की भूमिका को बार-बार निभाने के कारण टाइपकास्ट हो चुके अभिनेता ने कहा है कि वह ये भूमिका सोच-समझकर चुनते हैं।
उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि भगवान शिव का रोल निभाने से उनकी पूरी जिंदगी बदल गई है। तरुण खन्ना अब तक 400 से ज्यादा बार महादेव का किरदार निभा चुके हैं। ‘कर्म फल दाता शनि’, ‘राधा कृष्ण’, ‘जय कन्हैया लाल की’, ‘देवी आदि पराशक्ति’, ‘संतोषी मां’ और ‘परम अवतार श्री कृष्ण’ जैसे कई लोकप्रिय पौराणिक शोज में उन्होंने शिव का रोल किया है। तेलुगु फिल्म ‘अखंडा 2’ और थिएटर नाटक ‘हमारे राम’ में भी वह महादेव का किरदार निभा चुके हैं।
अभिनेता का मानना है कि दर्शकों को उन्हें महादेव के रूप में देखना पसंद है, इसलिए मेकर्स बार-बार उन्हें ही चुनते हैं। तरुण ने स्वीकार किया कि वह टाइपकास्ट हो गए हैं, लेकिन उनके हिसाब से इसमें कोई बुराई नहीं। उन्होंने कहा, “इसमें कोई शक नहीं है कि मैं टाइपकास्ट हो गया हूं और सच कहूं तो मैं ये रोल सोच-समझकर चुनता हूं। एक अभिनेता के रूप में किसी किरदार की ताकत को समझना बहुत जरूरी है। महादेव से ज्यादा ताकतवर किरदार मिलना बहुत मुश्किल है। कहानी चाहे जो भी हो, महादेव हमेशा सबसे पावरफुल किरदार रहते हैं।”
तरुण खन्ना ने बताया कि महादेव का किरदार निभाने से उनके अंदर धैर्य बहुत बढ़ गया है और उनकी दबी हुई विनम्रता भी वापस लौट आई है। उन्होंने ‘शिव शक्ति’ शो का जिक्र करते हुए बताया कि उन्हें पहले इंद्र का रोल ऑफर हुआ था, जिसे उन्होंने शुरू में मना कर दिया था। बाद में स्वास्तिक प्रोडक्शंस के साथ पारिवारिक रिश्ते के कारण वे महादेव का रोल करने को तैयार हुए।
तरुण खन्ना ने पौराणिक शोज पर अपनी राय देते हुए कहा कि वीएफएक्स और कॉस्ट्यूम कितने भी शानदार हों, अगर भावनाओं की गहराई नहीं होगी तो शो नहीं चल सकता। कई वीएफएक्स वाले शो फ्लॉप हो गए क्योंकि उनमें भावनाएं नहीं थी। उन्होंने कहा, “महादेव सिर्फ कॉस्ट्यूम नहीं, बल्कि एक दिव्य किरदार है जिसके लिए सच्ची लगन और समर्पण चाहिए।”
–आईएएनएस
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